Prabhash Ranjan, दरभंगा। साढ़े तीन महीने के अंतराल के बाद आयोजित हुई दरभंगा नगर निगम बोर्ड की बैठक हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप से भरी रही। बैठक की शुरुआत में ही पार्षदों ने देरी से बैठक आयोजित होने पर सवाल खड़े किए।
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बैठक देर से क्यों हुई?
बिहार म्युनिसिपल एक्ट 2007 के तहत हर महीने बैठक अनिवार्य है।
27 पार्षदों ने 31 दिसंबर को महापौर अंजुम आरा को पत्र देकर 15 दिनों में बैठक बुलाने की मांग की थी।
महापौर के बैठक बुलाने में देरी पर पार्षदों ने असंतोष जताया।
सशक्त स्थाई समिति पर 5 घंटे बहस
पिछली बैठकें:
28 सितंबर और 23 अक्टूबर 2024 की बैठकों के अनुमोदन पर चर्चा हुई।
पार्षदों ने नियमों के उल्लंघन और प्रक्रिया में त्रुटियों को उजागर किया।
कई निर्णयों को संशोधित किया गया, जिन्हें “टंकण भूल” कहकर महापौर ने सही करने का आश्वासन दिया।
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