

इसके बावजूद पुराने वार्ड सदस्य नए वार्ड सदस्यों को प्रभार नही दे रहे है। जिसको लेकर पूर्वी प्रखंड के 6 पंचायत के 16 वार्ड सदस्यों की लिस्ट बनायी गई है। इसमें महिसौत पंचायत के वार्ड संख्या 01, 04, 10, केवटगामा पंचायत के वार्ड संख्या 02, 07, 12, 13, सुघराइन पंचायत के 01, 04, 07, 13, इटहर पंचायत के 08, 09 तिलकेश्वर पंचायत के 03, 14 और उजुआ सिमरटोका पंचायत के 09 वार्ड शामिल है।
जानकारी के अनुसार, जिला पदाधिकारी दरभंगा के पत्रांक 550 दिनांक 04-03-22 पत्रांक 1225 दिनांक 12-05-22 पत्रांक 1285 पत्रांक 1338 पत्रांक 1717 में प्रखंड विकास पदाधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिया था कि जो भी पुराने वार्ड सदस्य नये वार्ड सदस्य को प्रभार नही देते है तो वैसे वार्ड सदस्यों पर प्राथमिकी दर्ज करें।
इसके बाद बीडीओ ने अपने पत्रांक 449, पत्रांक 543 पत्रांक 637 पत्रांक 730 में वार्ड सदस्यों को प्रभार देने के लिए पत्र लिखा गया। इसके आलोक में दर्जनों वार्ड सदस्य ने प्रभार दिया लेकिन कई वार्ड सदस्य ऐसे थे जिन्होंने प्रभार नही दिया।
जानकारों की माने तो सभी 09 पंचायतों में जो भी वार्ड सदस्य प्रभार दिया है वह भी अधूरा प्रभार है। प्रभार में वार्ड सदस्यों ने योजना पंजी, अभिलेख और रोकड़ पंजी नही दिया है। प्रभार सौंपने वाले फॉर्मेट में इस बात का जिक्र भी किया गया है। अभिलेख का प्रभार नही देना यह संकेत करता है कि वार्ड में चलाये गए योजना में कहीं गोलमाल के तरफ इशारा तो नही कर रहा है। अब सवाल यह उठता है कि जब प्रभार में रोकड़ पंजी, अभिलेख ही नही दिया गया तो वह प्रभार कैसे संपूर्ण माना जायेगा।
वहीं विश्वशनीय सूत्र बताते है कि जिला पदाधिकारी के आधा दर्जन से अधिक पत्र निर्गत होने के बाद भी जब आज तक प्राथमिकी दर्ज नही हुआ। पंचायत सचिव मुखिया के साथ मिलकर प्रभार का खेल खेलने में मग्न है। ऐसी स्थिति में प्राथमिकी दर्ज करने का बीडीओ साहब का यह पत्र भी हवा हवाई साबित हो सकती है।


