
दरभंगा से दिल्ली-मुंबई तक बेशुमार दौलत! पूर्व AIG की पूरी संपत्ति सरकार के हवाले होगी। भ्रष्टाचार पर सबसे बड़ी कार्रवाई! बिहार में पहली बार इतनी संपत्ति एक साथ जब्त।करोड़ों की अवैध संपत्ति जब्त! बिहार के पूर्व AIG पर निगरानी कोर्ट का बड़ा एक्शन।@पटना,देशज टाइम्स।
भ्रष्टाचार पर सबसे बड़ी कार्रवाई! पूर्व AIG अजय कृष्ण मिश्रा की ₹2.81 करोड़ की संपत्ति जब्त करने का आदेश
पूर्व AIG अजय मिश्रा की ₹2.81 करोड़ की संपत्ति जब्त! पटना से मुंबई तक फैला काला साम्राज्य।बिहार में भ्रष्टाचारियों पर चोट! कोर्ट ने कहा– एक महीने में सरकार को सौंपो सारी संपत्ति।पूर्व AIG ने कैसे बनाई करोड़ों की काली संपत्ति? कोर्ट ने बोला- अब नहीं बचेगा कोई!@पटना,देशज टाइम्स।
एक महीने में सरकार को सौंपनी होगी संपत्ति
₹2.81 करोड़ की संपत्ति को निगरानी न्यायालय ने घोषित किया अवैध। मिश्रा और उनके परिवार के नाम पर दर्ज संपत्तियां जब्त होंगी। संपत्ति का दायरा: दरभंगा से लेकर मुंबई तक। SVU की जांच और निगरानी कोर्ट का सख्त रुख। एक महीने में सरकार को सौंपनी होगी संपत्ति, नहीं तो कुर्की तय।
₹2.81 करोड़ की संपत्ति होंगी जब्त, बड़ी कार्रवाई
पटना, देशज टाइम्स। बिहार में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए निगरानी न्यायालय ने राज्य उत्पाद एवं निबंधन विभाग के पूर्व सहायक महानिरीक्षक (AIG) अजय कृष्ण मिश्रा और उनके परिजनों की ₹2.81 करोड़ की अवैध संपत्ति को जब्त करने का आदेश दिया है।
निगरानी कोर्ट का बड़ा आदेश
विशेष न्यायाधीश ब्रजेश कुमार पाठक की अदालत ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। आदेश के तहत एक माह के अंदर सभी संपत्तियां जिलाधिकारियों के माध्यम से सरकार को सौंपनी होंगी, अन्यथा राज्य सरकार संपत्ति को कुर्क करेगी।
संपत्ति का ब्योरा: देश के कई शहरों में फैला है नेटवर्क
अजय कृष्ण मिश्रा ने अपने कार्यकाल के दौरान जो अवैध संपत्तियां अर्जित कीं, वे बिहार से लेकर दिल्ली, मुंबई, गाजियाबाद, बेंगलुरु और पटना तक फैली हैं। मुख्य संपत्तियों में शामिल हैं: गाजियाबाद का एक फ्लैट। पटना के गोरियाटोली में दुकान। आर्य समाज रोड, राजीवनगर रोड-25 में फ्लैट। गर्दनीबाग, सगुना मोड़ में जमीन व फ्लैट। दरभंगा के नयाटोला में बिल्डिंग और जमीन (3 कट्ठा + 2 कट्ठा)। बेंगलुरु व मुंबई में फ्लैट। बैंक खातों और डाकघर योजनाओं में लाखों की एफडी।
2014 से चल रही थी सतर्कता जांच
राज्य सतर्कता अन्वेषण ब्यूरो (SVU) ने 2014 में आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। जांच में खुलासा हुआ कि मिश्रा ने अपने पद का दुरुपयोग कर अवैध ढंग से करोड़ों की संपत्ति अर्जित की।
सख्त संदेश: कानून से कोई नहीं बच सकता
विशेष लोक अभियोजक राजेश कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक कानून के अंतर्गत की गई है। इसका उद्देश्य सरकारी पद पर बैठे लोगों द्वारा अर्जित काली कमाई को राज्य के खजाने में वापस लाना है। इससे साफ संदेश गया है: भले अधिकारी कितना भी ऊंचे पद पर हो, कानून की पकड़ से बच नहीं सकता।