

Hospital Inspection: प्रशासन की नींद जब टूटती है, तो स्वास्थ्य महकमे की कुर्सियां हिलने लगती हैं। कुछ ऐसा ही नजारा घनश्यामपुर में देखने को मिला, जब जिले के आला अधिकारियों की टीम अचानक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंच गई, जिससे पूरे अस्पताल में हड़कंप मच गया।
घनश्यामपुर CHC में Hospital Inspection से मचा हड़कंप, बड़े अधिकारियों ने दी कड़ी चेतावनी!
घनश्यामपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब जिला प्रशासन की एक टीम औचक निरीक्षण के लिए धमक पड़ी। इस औचक कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखना और क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे निजी अस्पतालों पर नकेल कसना था। निरीक्षण दल का नेतृत्व डीआरडी निदेशक एवं जिला वरीय पदाधिकारी भुवनेश मिश्रा कर रहे थे, जिनके साथ अंचलाधिकारी अभिषेक सौरभ और प्रखंड विकास पदाधिकारी रजनीश कुमार भी मौजूद थे।
अधिकारियों के पहुंचते ही अस्पताल कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। टीम ने बिना कोई समय गंवाए अस्पताल की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा शुरू कर दी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अधिकारियों ने सीधे वार्डों का रुख किया और वहां भर्ती मरीजों से एक-एक कर बातचीत की। उन्होंने मरीजों से इलाज, दवा की उपलब्धता, भोजन की गुणवत्ता और डॉक्टरों तथा नर्सों के व्यवहार के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान कई मरीजों ने अपनी समस्याओं को भी अधिकारियों के समक्ष रखा।
Ghanshyampur में Hospital Inspection: अधिकारियों ने खंगाला हर कोना
निरीक्षण सिर्फ मरीजों से बातचीत तक सीमित नहीं रहा। अधिकारियों की टीम ने अस्पताल के हर कोने का जायजा लिया। परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था, मरीजों और तीमारदारों के लिए पेयजल की उपलब्धता, शौचालयों की स्थिति और निर्बाध बिजली आपूर्ति जैसे बुनियादी पहलुओं को बारीकी से परखा गया। इसके बाद टीम ने दवा भंडार का रुख किया। वहां दवाओं के स्टॉक रजिस्टर, वितरण पंजी और आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों की गहन पड़ताल की गई ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मरीजों को सभी जरूरी दवाएं मिल रही हैं या नहीं। टीम का पूरा ध्यान इस बात पर था कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं आम लोगों तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
जांच के दौरान मिली कुछ अव्यवस्थाओं पर अधिकारियों ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को चेताया कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में किसी भी तरह की कोताही पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह निरीक्षण इस बात का संकेत है कि प्रशासन अब स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
प्रभारी को मिले सख्त निर्देश, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
निरीक्षण के समापन पर, टीम ने अस्पताल प्रभारी डॉ. वंदना कुमारी के साथ एक बैठक की और उन्हें कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना अस्पताल की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने दवा वितरण में पूरी पारदर्शिता बरतने, सभी डॉक्टरों और कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा स्वच्छता व्यवस्था को हर हाल में दुरुस्त रखने पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस औचक निरीक्षण ने जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों को भी एक कड़ा संदेश दिया है।




