

Shiv Vivah: जैसे धरती पर देवलोक उतर आया हो, घनश्यामपुर की धरती भक्ति के सागर में ऐसी डूबी कि हर कोई बस ‘हर हर महादेव’ ही कहता रह गया। मौका था शिव-पार्वती के विवाह के आयोजन का, जहां आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।
घनश्यामपुर प्रखंड स्थित सिद्ध विद्यापीठ गलमा धाम में शिव विवाह बारात के पावन अवसर पर एक भव्य और अलौकिक झांकी का आयोजन किया गया, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। यह पूरा आयोजन विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय कार्यकारिणी प्रबंध समिति के सदस्य पंडित जिवेश्वर मिश्र के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। ग्राम पंचायत राज पुनहद के पूर्वी टोल के स्वयंसेवकों के सहयोग और क्रीड़ा भारती उत्तर बिहार के उपाध्यक्ष रवींद्र कुमार सिंह के संयोजन में एक विशाल शिव विवाह बारात निकाली गई, जो देखते ही बन रही थी।
देवताओं की झांकी ने बांधा समां, ऐसा था Shiv Vivah का अलौकिक दृश्य
इस भव्य झांकी में भगवान शिव, माता पार्वती, ब्रह्मा, विष्णु, प्रभु श्री राम और लक्ष्मण सहित अनेक देवी-देवताओं के स्वरूपों की अनुपम प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जब बारात सिद्ध विद्यापीठ गलमा धाम परिसर में पहुंची, तो वहां देश-विदेश से पधारे साधकों एवं साध्वियों ने अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव से इसका स्वागत किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पंडित जिवेश्वर मिश्र ने अपने उद्बोधन में शिव विवाह के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इसे केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि संपूर्ण सृष्टि के कल्याण की कामना का महापर्व बताया।
भक्ति संगीत से झूम उठे श्रद्धालु
कार्यक्रम में चार चांद लगाने के लिए सुप्रसिद्ध मैथिली लोकगायिका भवानी झा एवं लोकगायक सोनू दरभंगिया ने अपनी भक्ति-मय प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। उनके गाए मधुर भजनों पर श्रद्धालुजन झूमने पर विवश हो गए, जिससे पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। इस अद्भुत कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव प्रदान किया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
इन गणमान्य लोगों का रहा विशेष योगदान
इस विशाल आयोजन की तैयारी एवं सफल संचालन में कई गणमान्य व्यक्तियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इनमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दरभंगा विभाग के बाल कार्य प्रमुख मनोज ठाकुर, जिला कुश्ती संघ के सचिव रामवृक्ष बजरंगी, देव कुमार सिंह, सहदेव यादव, श्याम किशोर सिंह, लाडली कुमारी, श्वेता कुमारी, सावित्री देवी, और वीरेंद्र झा समेत कई अन्य लोग शामिल थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आयोजन के अगले चरण में रात्रि के चारों प्रहर में देश-विदेश से पधारे साधकों द्वारा महा रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाएगा, जिसका संचालन स्वर्ण पदक विजेता पंडित रतन कुमार मिश्रा के नेतृत्व में संपन्न होगा। यह पूरा आयोजन इस क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक समरसता का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करता है।



