
Darbhanga Minor Abduction: जैसे कोई बेज़ुबान साया अचानक अँधेरे में गुम हो जाए, घनश्यामपुर में एक माह पूर्व ऐसा ही कुछ हुआ था। न्याय की धीमी चाल आखिर रंग लाई और अब आरोपी सलाखों के पीछे है।
घनश्यामपुर थाना क्षेत्र में एक महीने पहले हुई नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसे शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया गया और वहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
Minor Abduction: कैसे हुआ था नाबालिग का अपहरण?
पुलिस के रिकॉर्ड्स के अनुसार, पीड़िता की दादी ने घनश्यामपुर थाना में एक लिखित आवेदन प्रस्तुत किया था। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी नाबालिग पोती गाँव में एक भोज खाने गई थी। इसी दौरान गाँव के ही विनोद चौपाल उर्फ दुलारचंद चौपाल के पुत्र अजय चौपाल ने बहला-फुसलाकर उसे अपने साथ भगा लिया। आपको बता दें, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई थी।
वृद्ध महिला ने पुलिस को बताया कि जब उनकी पोती भोज से घर नहीं लौटी, तो उन्होंने पहले अपने स्तर पर आस-पड़ोस और रिश्तेदारों के यहाँ काफी खोजबीन की। कई दिनों की तलाश के बाद उन्हें यह जानकारी मिली कि अजय चौपाल ही उनकी अपहृत लड़की को अपने साथ ले गया है। इस गंभीर जानकारी के बाद उन्होंने तत्काल घनश्यामपुर थाना में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया
घनश्यामपुर थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी अजय चौपाल को थाना क्षेत्र के गोढेल गाँव स्थित उसके मामा के घर से गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी पुलिस टीम के अथक प्रयासों का परिणाम है। अजय चौपाल को गिरफ्तार करने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर, आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। हमारा प्रयास है कि ऐसे मामलों में पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

