
Anti Riot Drill: जैसे कोई योद्धा जंग के मैदान में उतरने से पहले अपने हर हथियार को परखता है, ठीक वैसे ही घनश्यामपुर की पुलिस आगामी त्योहारों के शांतिपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम धार दे रही है। इसी क्रम में बुधवार को घनश्यामपुर थाना परिसर में पुलिस बल ने अपनी पूरी ताकत और सूझबूझ का प्रदर्शन किया।
घनश्यामपुर में Anti Riot Drill: पुलिस ने दिखाया शौर्य
आगामी पर्व-त्योहारों के मौसम में किसी भी तरह की अप्रिय घटना या उपद्रव की आशंका को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। बुधवार को घनश्यामपुर थाना क्षेत्र में एक विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस Anti Riot Drill के दौरान, पुलिस के जवानों ने यह दिखाया कि अगर कोई असामाजिक तत्व शांति भंग करने की कोशिश करता है, तो उससे कैसे निपटा जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जवानों ने दंगा नियंत्रण से जुड़ी विभिन्न रणनीतियों का अभ्यास किया, जिसमें भीड़ को नियंत्रित करने से लेकर उपद्रवियों को खदेड़ने तक की तकनीकें शामिल थीं।
ड्रिल में एक काल्पनिक दंगाई भीड़ का परिदृश्य बनाया गया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने दिखाया कि कैसे न्यूनतम बल प्रयोग करके स्थिति को काबू में किया जा सकता है। जवानों ने हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर जैसे सुरक्षात्मक उपकरणों को धारण कर आंसू गैस के गोले दागने और लाठीचार्ज करने की रणनीति का भी अभ्यास किया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल की तत्परता और आपसी समन्वय को परखना था ताकि वास्तविक आपात स्थिति में बिना किसी देरी के कार्रवाई की जा सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
थानाध्यक्ष ने की शांति और सौहार्द की अपील
ड्रिल के सफल समापन के बाद, थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने जवानों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य किसी को डराना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सभी लोग त्योहारों को शांति और खुशी के साथ मना सकें। उन्होंने कहा कि बेहतर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने क्षेत्र के आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे आपसी भाईचारा और सौहार्द बनाए रखें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और अगर कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि नजर आए तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।
थानाध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी। इस मौके पर स्थानीय प्रशासन के कई अन्य अधिकारी और पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने पुलिस बल का मनोबल बढ़ाया। पुलिस की इस तैयारी ने आम लोगों में सुरक्षा की भावना को और मजबूत किया है।






