
Tree Plantation: समस्तीपुर के कर्पुरीग्राम स्थित जीकेपीडी कॉलेज में पेड़-पौधे लगाने की अहमियत पर एक शानदार पहल हुई है। कॉलेज की एनएसएस इकाई-2 ने ‘वृक्षारोपण के महत्व’ पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें छात्रों ने न सिर्फ पर्यावरण सुरक्षा की शपथ ली बल्कि परिसर में पौधे लगाकर इस संदेश को जमीन पर भी उतारा।प्रधानाचार्य प्रो राम प्रवेश ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नमिता ठाकुर मौजूद थीं। उनके साथ कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. प्रेम कुमारी, प्रो. रीता कुमारी, प्रो. पुष्पा कुमारी, प्रो. विजय प्रसाद यादव, प्रो. बसंत कुमार, प्रो. गोविंद ठाकुर, प्रो. नीलमणि, प्रो. उमेश प्रसाद, प्रो. कृष्ण नंदन सहित कॉलेज के कर्मचारी अरुण ठाकुर, विनोद कुमार, जय करण और शबनम, सावित्री, खुशबू, अंजलि, अमानिका, सन्नी, अंकित जैसे दर्जनों छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
Tree Plantation है हमारी नैतिक जिम्मेदारी: नमिता ठाकुर
मुख्य अतिथि नमिता ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि पेड़-पौधे धरती का श्रृंगार हैं और हमारे भविष्य के रक्षक भी। उन्होंने जोर देकर कहा कि Tree Plantation केवल एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि हम सभी की एक महत्वपूर्ण नैतिक जिम्मेदारी भी है। यह पर्यावरण, मानव जीवन और धरती के पारिस्थितिकी संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इसे भविष्य को सुरक्षित करने वाला कदम बताया, जिससे जैव विविधता भी सुरक्षित रहती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पर्यावरण और मानव जीवन के लिए पेड़-पौधों का महत्व
कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. प्रेम कुमारी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए वृक्षारोपण के व्यापक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह हमारे पर्यावरणीय स्वास्थ्य और भविष्य से सीधे जुड़ा है। इससे हवा शुद्ध रहती है और जलवायु परिवर्तन की गति नियंत्रित होती है। पेड़-पौधे प्रकृति के अनमोल रत्न हैं, जिनका आर्थिक महत्व भी कम नहीं है। उन्होंने छात्रों से पर्यावरण संरक्षण और मानवहित में अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
मानसिक शांति और जलवायु नियंत्रण में सहायक
अध्यक्षीय संबोधन में प्रधानाचार्य प्रो. राम प्रवेश ठाकुर ने बताया कि हरे-भरे वातावरण और पेड़-पौधे मन को शांत रखते हैं, जिससे मानसिक तनाव कम होता है और जीवन स्तर बेहतर होता है। वे तापमान को नियंत्रित रखने के साथ-साथ धूलकण और हानिकारक गैसों को भी कम करने में सहायक होते हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी रोग भी नियंत्रित रहते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण मिट्टी के कटाव, बहाव और रेतीलेपन को रोकने में मदद करता है, जिससे जल स्रोत भी बचे रहते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।कार्यक्रम के अंत में प्रो. विजय कुमार यादव ने सभी उपस्थित लोगों का धन्यवाद ज्ञापन किया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







