दरभंगा। जिले के ढाई हजार से अधिक सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। आगामी 29 नवंबर को इन सभी स्कूलों में पेरेंट्स टीचर मीटिंग (PTM) का आयोजन किया जाएगा। यह सिर्फ शिक्षकों और अभिभावकों की एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य की नींव मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हैं। यह बैठक न केवल शैक्षिक प्रगति पर चर्चा का मंच बनेगी, बल्कि बच्चों के समग्र विकास को लेकर नई दिशा भी तय करेगी।
शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित की जा रही यह पहल, प्रारंभिक शिक्षा के स्तर को सुधारने और अभिभावकों को अपने बच्चों की पढ़ाई से जोड़ने के उद्देश्य से की जा रही है। जिले भर के लगभग 2500 सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में एक साथ होने वाली इस बैठक में हजारों अभिभावकों और शिक्षकों के बीच संवाद स्थापित होगा।
बच्चों के भविष्य के लिए अहम बैठक
इस पेरेंट्स टीचर मीटिंग का मुख्य फोकस बच्चों की शैक्षिक प्रगति, उनकी उपस्थिति, व्यवहार और स्कूल में प्रदर्शन पर रहेगा। शिक्षक अभिभावकों को उनके बच्चे की कक्षा में प्रदर्शन, होमवर्क की स्थिति और सीखने की चुनौतियों के बारे में विस्तृत जानकारी देंगे। यह बैठक माता-पिता को अपने बच्चे की पढ़ाई में आने वाली कठिनाइयों को समझने और शिक्षकों के साथ मिलकर समाधान खोजने का अवसर प्रदान करेगी।
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अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी बच्चों के सीखने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सरकारी स्कूलों में अक्सर देखा जाता है कि अभिभावकों का सीधा जुड़ाव कम होता है, लेकिन इस पहल से उम्मीद है कि यह खाई पटेगी और माता-पिता अपने बच्चों की शिक्षा के प्रति अधिक जागरूक होंगे।
क्या है पेरेंट्स-टीचर मीटिंग का उद्देश्य?
इस बैठक का उद्देश्य केवल रिपोर्ट कार्ड पर चर्चा करना नहीं है, बल्कि एक ऐसा वातावरण बनाना है जहां शिक्षक और अभिभावक मिलकर बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए काम कर सकें। चर्चा के संभावित बिंदु निम्नलिखित हो सकते हैं:
- बच्चे की अकादमिक कमजोरियों और शक्तियों पर चर्चा।
- स्कूल में बच्चे के व्यवहार और सामाजिक कौशल का मूल्यांकन।
- घर पर पढ़ाई के लिए एक सहायक माहौल बनाने पर सुझाव।
- स्कूल के नियमों, पाठ्यक्रम और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी।
- बच्चों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और मिड-डे मील जैसी योजनाओं पर चर्चा।
यह बैठक शिक्षकों को भी अभिभावकों से बच्चों के घर के माहौल और उनकी पृष्ठभूमि को समझने में मदद करेगी, जिससे वे बेहतर तरीके से बच्चों की जरूरतों को पूरा कर पाएंगे।
अभिभावकों से अपील और अपेक्षित परिणाम
शिक्षा विभाग ने सभी अभिभावकों से इस महत्वपूर्ण बैठक में अनिवार्य रूप से शामिल होने की अपील की है। उनकी उपस्थिति न केवल बच्चों में आत्मविश्वास जगाएगी, बल्कि यह संदेश भी देगी कि शिक्षा उनके लिए कितनी महत्वपूर्ण है। इस बैठक से निम्नलिखित सकारात्मक परिणाम अपेक्षित हैं:
- छात्रों की उपस्थिति में सुधार।
- शैक्षिक प्रदर्शन में वृद्धि।
- शिक्षक-अभिभावक संबंधों में मजबूती।
- बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक समन्वित दृष्टिकोण।
- स्कूल और समुदाय के बीच बेहतर संबंध।
कुल मिलाकर, 29 नवंबर को होने वाली यह पेरेंट्स टीचर मीटिंग दरभंगा जिले में प्रारंभिक शिक्षा को नई दिशा देने और बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। यह पहल निश्चित रूप से सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने में सहायक होगी।





