spot_img

बेनीपुर में ‘फेल’ हुए सरकारी गेहूं बीज: बुवाई के बाद भी खाली खेत, किसानों के लाखों डूबे, जमीन पर सन्नाटा

spot_img
- Advertisement -

बेनीपुर समाचार: मौसम की मार से त्रस्त किसानों को अब सरकारी बीज ने भी गहरा झटका दिया है। बुवाई के 20 दिन से ज़्यादा बीत जाने के बाद भी खेतों में अंकुरण न होने से हज़ारों बीघे ज़मीन पर पसरा सन्नाटा किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच रहा है। बीज की लागत से लेकर जुताई तक का ख़र्च डूब चुका है और अब विधायक ने कृषि मंत्री से किसानों को तत्काल मुआवज़ा देने की गुहार लगाई है।

- Advertisement -

बेनीपुर प्रखंड के किसानों के लिए सरकारी गेहूं बीज नई समस्या बनकर उभरा है। आवंटित गेहूं बीज का अंकुरण न होने से किसानों की फसल चौपट होने के साथ-साथ उनकी लागत भी डूबने की प्रबल संभावना बन गई है। बुवाई के लगभग बीस दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी खेतों में गेहूं के बीज नहीं उगे हैं, जिससे किसान हताश हैं।

- Advertisement -

उपलब्ध कराए गए बीज और वितरण

जानकारी के अनुसार, बेनीपुर प्रखंड में प्रथम चरण में एचडी-2967 किस्म का 582.96 किलोग्राम गेहूं का बीज आवंटित किया गया था। यह बीज क्षेत्र के तरौनी, शिवराम, अमैठी, देवराम, नवादा, पोहद्दी, महिनाम सहित कई पंचायतों के किसानों को पचास प्रतिशत नकद अनुदान पर वितरित किया गया था। किसानों ने इसे अपने खेतों में बोया था, लेकिन बुवाई के दो सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी बीज का अंकुरण नहीं हो सका और खेत खाली पड़े हुए हैं।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Darbhanga में 'मानवता शर्मसार' करने वाले अवैध नर्सिंग होम पर कब लगेगी लगाम? पढ़िए शर्मशार करने वाली रिपोर्ट

किसानों की दुगुनी मार: लागत डूबी, फसल चौपट

बीज का मूल्य गंवाने के साथ-साथ किसानों को जुताई और खाद पर खर्च की गई राशि का भी नुकसान उठाना पड़ा है। एक ओर जहां उनकी फसल का उत्पादन नहीं हो पा रहा है, वहीं दूसरी ओर उनकी मेहनत और निवेश भी व्यर्थ चला गया है। यह स्थिति किसानों के लिए दोहरी मार साबित हुई है, जिससे वे आर्थिक संकट में घिर गए हैं।

इधर, सरकार द्वारा एक सप्ताह पूर्व डीडब्ल्यूबी 343 किस्म का 339.60 किलोग्राम गेहूं का बीज भी अनुदानित दर पर वितरित किया गया है। हालांकि, अभी इसके अंकुरण का समय पूरा नहीं हुआ है, लेकिन पहले चरण के बीजों की विफलता के कारण किसानों के चेहरे पर इस बीज को लेकर भी संशय की स्थिति बनी हुई है। उन्हें डर है कि कहीं यह बीज भी पिछले वाले की तरह असफल न हो जाए।

विधायक ने उठाया मुद्दा, मांगा मुआवज़ा

स्थानीय किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए, विधायक प्रोफेसर विनय कुमार चौधरी ने कृषि मंत्री राम कृपाल यादव को पत्र लिखा है। उन्होंने अपने पत्र में किसानों को हुई फसल क्षति के लिए तत्काल उचित मुआवजा भुगतान की मांग की है। विधायक ने कहा है कि सरकार को इस गंभीर विषय पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करनी चाहिए ताकि वे इस संकट से उबर सकें।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Saharsa News: पुरानी रंजिश में Murder 8 साल के मासूम की गला रेतकर हत्या, एकलौता और पठान टोला

Saharsa Murder: बिहार के सहरसा से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई...

Bihar News: बिहार से महाराष्ट्र… Child Trafficking, पटना-पुणे एक्सप्रेस से 167 बच्चों का रेस्क्यू, मानव तस्करी की ख़ुली परतें!

Child Trafficking: बिहार से महाराष्ट्र जा रही एक ट्रेन में 'मानव तस्करी' की आशंका...

Muzaffarpur में Cartridge Smuggling: यूनिवर्सिटी हॉस्टल से 200 कारतूस बरामद, 2 तस्कर गिरफ्तार

Cartridge Smuggling: मुजफ्फरपुर के बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय इलाके से एक चौंकाने...