
दरभंगा देशज टाइम्स। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में एक-एक वोट की अहमियत है, लेकिन हज़ारों योग्य युवा-युवतियों का लोकतांत्रिक अधिकार खतरे में है। बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) की भारी कमी के कारण मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया ठप पड़ी है, जिससे भविष्य के कर्णधारों में आक्रोश पनप रहा है। इस गंभीर मुद्दे पर मिथिला स्टूडेंट यूनियन (MSU) ने अब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिसकी गूंज पूरे प्रदेश में सुनाई दे सकती है।
पंजीकरण प्रक्रिया में BLOs की कमी बनी बाधा
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में हजारों ऐसे युवा हैं, जिन्होंने अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी कर ली है और वे अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहते हैं, लेकिन BLOs की गैर-मौजूदगी उनकी राह का सबसे बड़ा रोड़ा बन गई है। पंजीकरण प्रक्रिया सुचारु न होने के कारण ये योग्य मतदाता अपने नाम वोटर सूची में नहीं जुड़वा पा रहे हैं। इस स्थिति को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए एक गंभीर चुनौती माना जा रहा है।
मिथिला स्टूडेंट यूनियन (MSU) के नेता रजनीश प्रियदर्शी ने सरकार से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि एक-एक वोट महत्वपूर्ण है और BLOs के अभाव में किसी भी स्नातक युवा के लोकतांत्रिक अधिकार को प्रभावित नहीं होने दिया जा सकता। प्रियदर्शी ने इस समस्या के त्वरित समाधान पर जोर दिया है।
मिथिला स्टूडेंट यूनियन की सीधी मांगें
MSU ने सरकार और चुनाव आयोग के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं, ताकि पंजीकरण प्रक्रिया को गति मिल सके:
- सरकार जल्द से जल्द नियमित एवं प्रशिक्षित BLOs की नियुक्ति करे, ताकि सभी पात्र स्नातक अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकें।
- पंजीयन प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए रजनीश प्रियदर्शी को BLO के पद पर तुरंत नियुक्त किया जाए, जिससे उनके नेतृत्व में यह कार्य प्रभावी ढंग से हो सके।
संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह स्थिति अस्वीकार्य है और राज्य सरकार व चुनाव आयोग को युवाओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। MSU का मानना है कि जिले के सभी प्रखंडों और वार्डों में BLO की उपलब्धता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
MSU का जमीनी अभियान और आंदोलन की चेतावनी
मिथिला स्टूडेंट यूनियन लगातार शिक्षण संस्थानों में जाकर छात्रों से फॉर्म भरवा रही है, ताकि अधिक से अधिक स्नातक युवाओं को पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जा सके। हालांकि, BLOs की गैर-मौजूदगी में दस्तावेज़ों का सत्यापन और कागजी प्रक्रिया अक्सर अवरुद्ध हो जाती है, जिससे संगठन के प्रयासों पर पानी फिर जाता है।
MSU ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो संगठन एक बड़े स्तर पर छात्र आंदोलन शुरू करेगा। यह आंदोलन युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और एक सुचारु पंजीकरण प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग पर केंद्रित होगा। संगठन ने सभी स्नातक युवाओं से भी अपील की है कि वे निर्धारित दस्तावेज़ों के साथ फॉर्म भरकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मज़बूत करने में अपना योगदान दें।


