

बिरौल, देशज टाइम्स।…और गगनभेदी जयकारों के बीच गणपति का विसर्जन देखते ही बन रहा था। युवाओं की टोली नाच रही थी। गा रही थी। थिरक रही थी तो सड़कों पर उत्साहित भक्तों की कमी ही कहां थी, जो जहां थे वहीं थम गए थे, रम गए थे बप्पा के स्वागतगान में।
जानकारी के अनुसार, प्रखंड क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन का नजारा कुछ ऐसा था, हर कोई उनका साथ छोड़ने को तैयार कहां था। भव्य नजारा दिखा जुलूस का वनदेवी नगर, खेबा एवं पुरानी मछली हट्टा के पूजा समितियों की ओर से। पढ़िए पूरी खबर
जानकारी के अनुसार, दस दिनों तक मनाये जाने वाली गणेश पूजा सुपौल बाजार के मंदिर घाट, खेबा,बनदेवी नगर, पुरानी मछ्ली हट्टा एवं दाथ में मनायी जाती है। सुपौल मंदिर घाट की प्रतिमा विसर्जन नजदीकी नदी में कर दी गयी।
वहीं, इस वर्ष सुपौल बाजार ने नाला निर्माण को लेकर सड़क खराब होने के कारण इन पूजा समिति की ओर से प्रतिमा विसर्जन जुलूस नहीं निकाली गयी। न ही मटका फोर का ही आयोजन हो सका।
वहीं, वनदेवी नगर, खेबा एवं पुरानी मछली हट्टा के पूजा समितियों ने गाजे-बाजे के साथ प्रतिमा जुलूस निकाली। इस दौरान एक पर एक भक्ति गीतों पर युवा थिरकते रहे।
भगवान गणेश की जयकारे से लगा रहे थे। देर शाम में सभी पूजा समितियों ने अपने नजदीकी तालाब में प्रतिमा का विसर्जन किया। इस दौरान अनुमंडल प्रशासन की ओर से जगह जगह पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल को तैनात किया गया था। जो शांतिपूर्ण सम्पन्न हो गया।

