
संजय कुमार राय, देशज टाइम्स अपराध ब्यूरो। दरभंगा जिला अंतर्गत चर्चित श्यामा माई मंदिर को लेकर बाद-विवाद, आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। लोगों को यह भी शक है कि न्यास समिति के सदस्यों की ओर से घोर अनियमितता बरती जा रही है।
मां श्यामा भक्त महेश कांत झा ने इस बाबत जिलाधिकारी से शिकायत भी की थी। उक्त शिकायत पत्र पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दरभंगा के जिलाधिकारी राजीव रौशन ने 9 दिसंबर 2022 को पत्र के माध्यम से बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद,पटना के अध्यक्ष को संबद्ध सभी अभिलेखों के साथ अग्रेतर कार्रवाई के लिए अनुशंसित किया है।
इसमे श्री झा ने दिनांक 23 जनवरी 23 को न्यास की संभावित बैठक को तत्काल स्थगित करने की मांग की है। जिलाधिकारी द्वारा नौ दिसंबर 22 को पत्र के आलोक में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद श्यामा न्यास के उपाध्यक्ष पंडित कमलाकांत झा, सह सचिव प्रो. श्रीपति त्रिपाठी तथा कोषाध्यक्ष दयाकांत मिश्र को 27 जनवरी 23 को न्यास पर्षद,पटना के समक्ष अपना पक्ष रखने रखने के लिए उपस्थित होने को कहा है।
आवेदक महेश कांत झा की ओर से न्यास के हालिया पत्र के आलोक में 23जनवरी 23 को संभावित श्यामा न्यास की बैठक को तत्काल स्थगित करने की मांग की है और कहा है कि न्यास के दोषी व दागी पदाधिकारियों के साथ जिलाधिकारी महोदय की यह बैठक उनकी छवि को धूमिल करेगी।
पत्र में आगे श्री झा ने छपरा निवासी वैद्य अरुण गिरी के श्यामा मंदिर परिसर में अवैध रूप से आवासीय सुविधा प्रदान किए जाने को न्याय विरुद्ध है। साथ ही आवेदक श्री झा ने दरभंगा के नागरिकों को भी इस तथ्य से अवगत कराया है कि श्यामा मंदिर न्यास की अब तक जमा राशि लगभग 5 करोड़ है।
इस राशि का उपयोग अन्य धार्मिक न्यास बोर्ड की तर्ज पर जनहित में किए जाने वाले सेवा प्रकल्पों के लिए किया जाय। श्री झा ने यह भी शिकायत की है कि डी.एम से जानकारी छुपाकर अंचलाधिकारी इन पदाधिकारियों की मिली भगत से कर्तव्यनिष्ठ व ईमानदार सदस्यों प्रो. रमेश झा तथा डॉ.राजेश्वर पासवान को गहरी साजिश के तहत इन दोनों के नामों को हटा दिया गया।
जानकारी के अनुसार, बिहार राज्य धार्मिक न्यास संचालन नियमावली 1950 में यह स्पष्ट है कि किसी भी न्यास समिति का सदस्य वही व्यक्ति नामित किया जा सकता है जो हिंदू हो तथा स्थानीय हो। वैद्य अरूण गिरी एवं प्रो.श्रीपति त्रिपाठी की सदस्यता उक्त नियमावली की धज्जियां उड़ा रही हैं। सनद रहे कि ये दोनों पदाधिकरी दरभंगा से बाहर क्रमशः छपरा एवं सीवान जिले के निवासी हैं।






