



Gupt Navratri: जैसे शिशिर की ठंडक में आस्था की पहली किरण फूटती है, ठीक वैसे ही मिथिलांचल की धरती भक्ति की चादर ओढ़ लेती है। अलीनगर का माहौल भी कुछ ऐसा ही है, जहां मां भगवती की आराधना का महापर्व शुरू हो गया है।
Gupt Navratri 2024: अलीनगर में गूंजे मां दुर्गा के जयकारे, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू हुई 9 दिवसीय पूजा
Gupt Navratri पर नौ दिनों तक होगी विशेष पूजा
दरभंगा जिले के अलीनगर प्रखंड स्थित नावानगर गांव का विषहारा भगवती स्थान इन दिनों आस्था और भक्ति का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। सोमवार को माघ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से यहां मां दुर्गा की आराधना का नौ दिवसीय अनुष्ठान पूरे विधि-विधान के साथ आरंभ हो गया। मुख्य आचार्य पंडित विकास चौधरी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत कलश स्थापना कराई, जिसके साथ ही माता के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा शुरू हुई। इस भव्य आयोजन में उनका सहयोग पंडित राजा कुमार ठाकुर, पवन चौधरी और साकेत कुमार झा कर रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।आयोजकों के अनुसार, यह विशेष पूजा दशमी तिथि तक अनवरत चलेगी। इन नौ दिनों के दौरान हर सुबह देवी भागवत का पारायण किया जाएगा। वहीं, प्रतिदिन संध्या 4 बजे से पंडित महादेव झा अपनी ओजस्वी वाणी में देवी भागवत कथा का वाचन कर श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर करेंगे।
इस महापर्व का उल्लास रविवार से ही दिखने लगा था, जब गांव से कांवरियों का एक जत्था सिमरिया धाम के लिए रवाना हुआ। वहां गंगा स्नान और पवित्र जल लेने के बाद देर शाम सभी कांवरिये गांव लौटे। सोमवार की सुबह 60 से अधिक कांवरियों ने महादेव मंदिर से गाजे-बाजे के साथ यात्रा आरंभ की और भक्ति गीतों पर झूमते हुए लगभग दो किलोमीटर दूर स्थित माता विषहारा मंदिर पहुंचकर गंगाजल से माता का अभिषेक किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पांच वर्षों से चली आ रही है यह परंपरा
पूजा के मुख्य यजमान हरे राम झा ने मंदिर परिसर में स्थित तालाब पर वरुण देवता की विधिवत पूजा-अर्चना कर कलश में जल भरा और उसे पूजा स्थल पर स्थापित किया। इसके बाद से ही पूजा स्थान से गूंज रहे वेद मंत्रों और भगवती की वंदना से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।आपको बता दें कि नावानगर गांव में पिछले पांच वर्षों से माघी नवरात्र में इस विशेष पूजा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें समस्त ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रहती है। इस आयोजन को सफल बनाने में रामनाथ झा, हरे राम झा, कृष्ण कुमार झा, किशोरी झा, शिवशंकर चौधरी और मंदिर के मुख्य पुजारी सुरेश झा समेत कई ग्रामीण युवा पूरी निष्ठा से जुटे हुए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


