

बिरौल देशज टाइम्स डिजिटल डेस्क। गांव से मुम्बई पहुंचे अपने ग्रामीण को रोजगार दिलाना और बकाया राशि मांगना अरुण चौधरी को मंहगा पड़ा। इसको लेकर अरुण ने दोषी के विरुद्ध पर कार्रवाई करने के लिए थाना में आवेदन दिया है।
इसमें उसने बताया कि रोजगार के लिए गोविंद चौधरी अपने गांव सहसराम से मुम्बई गया था। अरुण अपने गारंटी पर गोविंद को रोजगार के लिए ऑटो का प्रबंध कर दिया। और सर छुपाने के लिए कमरे की व्यवस्था कर दी। अरुण ने बताया कि इसी बीच ऑटो चलाने के क्रम में गोविंद ने दूसरे गाड़ी में टक्कर मार दी।
घटना करने के बाद उसने ऑटो मालिक को क्षति भरने के बजाय व कमरे का किराया दिये बगैर मुम्बई से गांव आ गया। इधर जमानतदार होने के कारण ऑटो मालिक और कमरा के मालिक अरुण चौधरी से रुपये की मांग करने लगे। दो दिन पहले गांव आते ही अरुण ने मुम्बई के ऑटो मालिक का बकाया रुपये की मांग गोविंद से करते ही आक्रोशित हो कर उसने अरुण को मारपीट कर जख्मी कर दिया।
जिसे परिजनों ने इलाज के लिए पीएचसी मे भर्ती कराया परन्तु स्थिति गंभीर देख चिकित्सक ने उसे डीएमसीएच रेफर कर दिया। थानाध्यक्ष बिरौल एस एन सारंग ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है,घटना की जांच कर अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी।


