Climate Change Commission: जब प्रतिभा को सही मंच मिलता है, तो सफलता की कहानी दूर तक सुनाई देती है। बिहार के दरभंगा जिले के एक छोटे से गांव के बेटे ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है, जिससे पूरे इलाके का नाम रोशन हो गया है। केवटी प्रखंड के रनवे गांव निवासी सूर्य प्रकाश झा के सुपुत्र हर्ष रंजन को पर्यावरण, वन एवं जलवायु आयोग (EFCCC) में दिल्ली के लिए राज्य सदस्य के तौर पर नियुक्त किया गया है।
यह नियुक्ति पत्र EFCCC के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेश गर्ग द्वारा जारी किया गया है। नियुक्ति आदेश पत्र संख्या EFCCC/APPT./2025/21, जो 23 दिसंबर 2025 को जारी हुआ, के अनुसार हर्ष रंजन का कार्यकाल 23 दिसंबर 2025 से लेकर 22 दिसंबर 2028 तक, यानी पूरे तीन वर्षों का होगा। इस महत्वपूर्ण नियुक्ति की सूचना राष्ट्रीय अध्यक्ष कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय, सेंट्रल चेयरमैन कार्यालय समेत सभी संबंधित विभागों को भेज दी गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Climate Change Commission में क्या होगी हर्ष की भूमिका?
इस महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए हर्ष रंजन दिल्ली में पर्यावरण नीतियों के क्रियान्वयन और निगरानी में अपनी भूमिका निभाएंगे। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे मिथिलांचल के लिए गर्व का विषय है। यह नियुक्ति युवाओं को **पर्यावरण संरक्षण** जैसे गंभीर मुद्दे पर काम करने के लिए प्रेरित करेगी। माना जा रहा है कि हर्ष अपने कार्यकाल में जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए नई रणनीतियों पर काम करेंगे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
इस खबर के सामने आते ही केवटी प्रखंड समेत पूरे जिले में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर्ष रंजन की मेहनत और लगन ने आज उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। उनकी यह सफलता दर्शाती है कि छोटे शहरों और गांवों से भी प्रतिभाएं निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र के युवाओं में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
क्षेत्र में खुशी की लहर
हर्ष रंजन की नियुक्ति ने यह साबित कर दिया है कि **पर्यावरण संरक्षण** और नीति-निर्माण में बिहार के युवा भी अग्रणी भूमिका निभाने में सक्षम हैं। उनके गांव रनवे में तो जश्न जैसा माहौल है और लोग एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दे रहे हैं। यह नियुक्ति न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह क्षेत्र के विकास और राष्ट्रीय पटल पर इसकी पहचान को और भी मजबूत करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आने वाले समय में उनसे काफी उम्मीदें रहेंगी।





