
Quack Doctor Death: हायाघाट दरभंगा देशज टाइम्स । ज़िंदगी की डोर कब और कैसे टूट जाए, कोई नहीं जानता। लेकिन जब ये डोर लापरवाही और लालच की भेंट चढ़ जाए, तो सवाल उठना लाज़मी है। बिहार के हायाघाट में एक ऐसी ही घटना सामने आई है, जहां एक झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद एक महिला ने दम तोड़ दिया। यह घटना एपीएम थाना क्षेत्र के सिरनियां गांव की है, जहां 40 वर्षीय अनिता देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
मृतका की पहचान लक्ष्मण साह की पत्नी अनिता देवी के रूप में हुई है, जो अपने पीछे तीन छोटे बच्चों को छोड़ गई हैं। परिजनों के मुताबिक, अनिता देवी का इलाज गांव के ही एक कथित डॉक्टर से कराया गया था। डॉक्टर द्वारा दी गई दवा खाने के कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उनकी हालत इतनी गंभीर हो गई कि इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, जिससे परिवार में कोहराम मच गया।
Quack Doctor Death: सिरनियां गांव में पसरा मातम
इस दुखद घटना से पूरे सिरनियां गांव में मातम का माहौल है। ग्रामीण इस बात से हैरान हैं कि कैसे एक अनाधिकृत चिकित्सा करने वाले व्यक्ति ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। घटना की सूचना मिलते ही एपीएम थाना की पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में ले लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) भेज दिया गया है, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि परिजनों ने स्थानीय ‘झोलाछाप’ डॉक्टर पर ही लापरवाही का आरोप लगाया है। एपीएम थाना प्रभारी संजीत कुमार ने इस संबंध में बताया कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि परिजनों से आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस कर रही है मामले की जांच
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही अनाधिकृत चिकित्सा पद्धतियों और ‘झोलाछाप’ डॉक्टरों के बढ़ते प्रभाव पर गंभीर सवाल उठाती है। अक्सर, दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के चलते लोग ऐसे अवैध चिकित्सकों के जाल में फंस जाते हैं, जिसका खामियाजा उन्हें अपनी जान गंवाकर चुकाना पड़ता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस मामले में पुलिस की सक्रियता से उम्मीद जगी है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



