

उत्तम सेन गुप्ता, बिरौल देशज टाइम्स डिजिटल डेस्क। कहते हैं, अधिकारी चाह लें तो राज्य के सभी सरकारी विभाग सिस्टम सही से संचालित होने लगेगा। फिलहाल, शिक्षा विभाग की बात करें तो अपर मुख्य सचिव केके पाठक के पदभार ग्रहण करने के बाद से कुछेक को छोड़ कर अधिकांश विद्यालय धीरे-धीरे पटरी पर आने लगा है। इसको लेकर बच्चों के अभिभावक काफी उत्साहित है।
हालांकि, कई विद्यालय ऐसे हैं, जो पूर्व से ही अपने सिस्टम में संचालित हो रहे हैं। चूंकि उन विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिका का एक मात्र उद्देश्य है उनके अधिन पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को शिक्षित करना।
इनमें से एक मध्य विद्यालय नगर पंचायत बिरौल खेबा है। यहां के छात्र विशाल कुमार, रोहित कुमार, गौतम कुमार, रितुराज कुमार छात्रा लक्ष्मी कुमारी, आरती कुमारी, रोशनी कुमारी तथा सोनी कुमारी ने बताया कि पहले की अपेक्षा वर्तमान समय में कुछ बदलाव देखने को मिल रहा है।
पहले मध्याह्न भोजन के बाद छात्रों की संख्या में कुछ कमी रहती थी। लेकिन, अब सुबह 9 से लेकर 3 बजे तक छात्र-छात्राओं की अच्छी खासी उपस्थिति रहती है। कक्षा आठ की छात्रा लक्ष्मी कुमारी, आरती कुमारी ने बताया कि इनके विद्यालय में भवन की घोर अभाव रहने के बावजूद हमलोग रविवार को छोड़ प्रति दिन पढ़ने आते हैं।
स्थानीय गणमान्य लोगों में गणेश झा, सेवानिवृत्त सैनिक सुशील झा, राजकुमार अग्रवाल, मो.इम्तियाज, राधारमण चौधरी, यतींद्र महतो, प्रो.राधे श्याम मिश्र, प्रो.सुनील झा सहित कई लोगों ने बताया कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने जब से जिम्मेदारी संभाली है। विभाग और जिला से लेकर प्रखंड शिक्षा कार्यालय में बदलाव देखने को मिल रहा है। अपर मुख्य सचिव की कार्यशैली से खासकर छात्र-छात्राओं के अभिभावकों में खुशी है।उन लोगों ने बताया कि लगता है बिहार की शिक्षा व्यवस्था अब पटरी पर आ जाएगी।

