Darbhanga में वाह रे ‘ सिस्टम ‘ आह भरती ‘ व्यवस्था ‘ 800 बच्चे मगर …’ शर्मनाक ‘ @सतीश झा, बेनीपुर | अयाची मिथिला महिला महाविद्यालय में चल रही डिग्री थर्ड सेमेस्टर की आंतरिक परीक्षा के दौरान छात्राओं को न तो बेंच मिली और न ही डेस्क। मजबूरी में उन्हें दरी पर बैठकर परीक्षा देनी पड़ रही है, जिससे छात्राओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
Darbhanga: पहली-दूसरी कक्षा जैसी स्थिति, छात्राओं को हो रही परेशानी
छात्राएं दो-दो घंटे दरी पर बैठकर उत्तर लिखने को मजबूर हैं।
- Advertisement -🔥 आज की सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें1
बिहार में शिक्षकों के लिए नया फरमान, नया ड्रेस कोड लागू? अब स्कूल में Jeans-T-Shirt नहीं चलेगी! आया सख्त आदेश!2
नीतीश कुमार ने रचा इतिहास! बिहार के इस दिग्गज नेता ने पहली बार किया ऐसा काम, जानकर चौंक जाएंगे3
बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 10 राजस्व अधिकारियों का हुआ तबादला, अब क्या होगा? | देखें पूरी लिस्ट4
Bihar Exam Special Trains दरभंगा, समस्तीपुर, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर के परीक्षार्थियों की हुई मौज! 22 जुलाई को बिहार में चलेंगी 4 स्पेशल ट्रेनें, तुरंत देखें पूरा रूट और टाइमिंग5
SP ऑफिस के ठीक सामने MUDER ! चली गोली, बॉडीगार्ड ने ही साथी को मार डाला… दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या!6
खुशखबरी! बिहार के स्टेट हाई-वे पर टोल टैक्स का नियम बदला! क्या अब आपको भी देना होगा पैसा?परीक्षार्थियों ने कहा कि इस स्थिति में लिखना बेहद कष्टदायक है।
- Advertisement -कई छात्राओं ने परीक्षा को खानापूरी करार दिया, जिससे उनकी नाराजगी भी सामने आई।
प्रबंधन ने दी सफाई
परीक्षा नियंत्रक मुरारी ठाकुर ने बताया कि महाविद्यालय में लगभग 800 छात्राएं हैं।
इतने बड़े संख्या में डेस्क-बेंच की व्यवस्था नहीं होने के कारण कुछ कमरों में दरी डालकर परीक्षा कराई जा रही है।
परीक्षा का आयोजन 16 अप्रैल से 22 अप्रैल तक होना है और 25 अप्रैल से पहले अंक पोर्टल पर लोड करने की बाध्यता है, जिससे सभी छात्राओं की परीक्षा एक साथ लेनी पड़ रही है।
प्राचार्य से नहीं हो सका संपर्क
प्रभारी प्राचार्य प्रवीण कुमार मिश्रा से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन वे महाविद्यालय में उपस्थित नहीं थे और उनका मोबाइल भी नहीं रिसीव हुआ।
महत्वपूर्ण बिंदु:
नई शिक्षा नीति (New Education Policy) के तहत डिग्री थर्ड सेमेस्टर में 30 अंकों की मिड सेमेस्टर परीक्षा अनिवार्य है।
परीक्षा का अंक छात्राओं के मुख्य परिणाम में जोड़ा जाता है, इसलिए इसकी गुणवत्ता अत्यंत महत्वपूर्ण है।















