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मार्च, 16, 2026
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Bihar Land Survey: जमीन मालिकों के साथ ‘खेला’, अफसर कर रहे ‘बेड़ा-गर्क’, तन गए Revenue Minister Sanjay Saraogi, कहा-नाप देंगे

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Bihar Land Survey: राजस्व मंत्री संजय सरावगी ने जब से विभाग को संभाला है। अधिकारियों से लेकर भू-माफिया तक में खलबली है। वजह है, मंत्री श्री सरावगी जमीन मालिकों के साथ खड़े हैं। उन्हें हक देने की बात कह रहे।

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Bihar Land Survey: 4 दिन की मोहलत…चेत जाओ

साथ ही, Revenue Minister Sanjay Saraogi नीतीश सरकार के उन बड़े अधिकारियों को बार-बार चेता रहे, जो जमीन मालिकों के साथ खेल कर रहे। बार, बार नापी और अन्य जानकारी के नाम पर उनका बेड़ा गर्क करने पर तूले हैं। मगर, ये राजस्व मंत्री श्री सरावगी हैं, तनकर खड़े हैं, न्याय होगा और सिर्फ न्याय ही होगा। पढ़िए पूरी खबर

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Bihar Land Survey: जमीन मालिकों के साथ ‘खेला’, नीतीश सरकार के बड़े अधिकारी घेरे में | मंत्री संजय सरावगी की दो टूक, दिए सख्त आदेश

पटना/दरभंगा। बिहार में भूमि विवाद निपटारा (Land Dispute Settlement) को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक घोटाला सामने आया है। नीतीश सरकार के राजस्व विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी जमीन मालिकों को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।

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सुनवाई पूरी होने के बाद भी फैसले “रिजर्व”…नहीं चलेगा?

राज्य में जिन अधिकारियों को मामलों की सुनवाई कर निष्पक्ष निर्णय देने की जिम्मेदारी दी गई है, उनमें खोट है। ये अधिकारी सुनवाई पूरी होने के बाद भी फैसले “रिजर्व” कर महीनों तक दबाकर बैठ जाते हैं। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

राजस्व मंत्री संजय सरावगी ने जताई नाराजगी

समीक्षा बैठक में कड़ा निर्देश

हाल ही में आयोजित समीक्षा बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय कुमार सरावगी ने राजस्व के अधिकारियों की इस कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई और तुरंत सुधार लाने के निर्देश दिए।

एक नहीं कई जिले हैं, जहां जमीन मालिक हो रहे हलकान

  • राज्य के कई ज़िलों – पटना, छपरा, सारण, रोहतास, गया और दरभंगा – में अधिकारियों की ओर से फैसले जानबूझकर रोके जा रहे हैं। फैसले “रिजर्व” रखने के कारण पक्षकार न अपील कर पा रहे हैं, न आगे बढ़ पा रहे हैं। नियमानुसार, 15 दिन के भीतर फैसला सार्वजनिक होना चाहिए, लेकिन महीनों तक लटकाया जा रहा है।

    राजस्व मंत्री संजय सरावगी का बयान

    “अब फैसले दबाने की छूट नहीं दी जाएगी। चार दिन में हर हाल में फैसला अपलोड हो और तारीख छेड़छाड़ नहीं हो – यह सुनिश्चित किया जाएगा।”

  • राजस्व मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया: फैसले 4 दिनों के भीतर अपलोड हों। बैकडेट में अपलोडिंग पर रोक लगे।डिजिटल हस्ताक्षर और तारीख एक समान होनी चाहिए। उल्लंघन पर अधिकारी दंडित होंगे।

जनता परेशान, न्याय में देरी

  • लोगों को ऑनलाइन सेवाओं की बजाय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।जानबूझकर पोर्टल की सेवाएं बाधित की जा रही हैं, ताकि दलाली चल सके।फैसले नहीं मिलने से न्याय की प्रक्रिया पर विश्वास कमजोर हो रहा है।

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