

बिरौल देशज टाइम्स डिजिटल डेस्क। जमीन रजिस्ट्री कराने आये एक वृद्ध एवं दो अन्य लोगों के साथ मारपीट कर रहे उपद्रवियों से बचाने गए पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मियों को भी कोपभाजन का शिकार होना पड़ा।
पढ़िए क्या है मामला क्यों बनना पड़ा पुलिसकर्मी और अधिकारियों को इसका कोपभाजन, फिर क्या एक्शन लिया एसडीपीओ मनीष चंद्र चौधरी ने पूरी खबर उत्तम सेन गुप्ता के साथ…
इस मामले में एसडीपीओ मनीष चंद्र चौधरी के निर्देश पर बिरौल थाना में एक महिला सहित 9 लोगों एवं 10-15 अज्ञात के विरूद्ध विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज किया गया।
जानकारी के अनुसार जमालपुर थाना क्षेत्र के बड़गांव निवासी मो.उसमान अपने दो सहयोगियों के साथ निबंधन कार्यालय बिरौल आये थे।
इसकी सूचना परिवार के अन्य सौतेले भाईयों को मिलने के वे लोग थाना के मुख्य गेट के सामने आक्रोशित हो कर वृद्ध व्यक्ति के साथ सहयोग मे आये दो अन्य लोगों के साथ मारपीट करने लगे।
जान बचाने के उद्देश्य से थाना परिसर में शरण लेने पहुंचे वृद्ध सहित तीन लोगों को उपद्रवियों से बचाने का प्रयास महिला पुलिस पदाधिकारी और आरक्षी प्रयास करने लगे।
लेकिन दर्जनों की संख्या आये लोगों ने पुलिस की बातों को अनसुनी करते हुए थाना परिसर को रणक्षेत्र में तब्दील कर दिया।
इस पर काबू पाने के लिए सूचना पर एसडीपीओ मनीष चन्द्र चौधरी थाना पहुंच कर दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई करने का आदेश अपर थानाध्यक्ष राहुल कुमार को दिये।
थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश झा ने बताया कि अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के निर्देश पर पीएसआई दिव्या कुमारी के लिखित आवेदन पर मो. इरफान, मो.इमरान, मो.साहवान,
मो.मरजान, मो.फुरकान, मो.जिसान, मो
थानाध्यक्ष ने बताया कि रजिस्ट्री करने आये एक वृद्ध व्यक्ति के अलावा दो अन्य के साथ कुछ लोग मारपीट कर रहे थे।
तीनों लोग जान बचाने के लिए थाना परिसर में आ गए। इस दौरान उपद्रवियों की ओर से पीएसआई दिव्या कुमारी के अलावा सिपाही रिंकी कुमारी और खुशबू कुमारी के साथ अमर्यादित व्यवहार करने लगे।
एफआईआर के सभी नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस संरक्षण में जेल भेज दिया गया।


