
Electricity Theft: कटिया डालकर बिजली जलाने वालों के मंसूबों पर अब पानी फिरता नजर आ रहा है। जाले में विद्युत विभाग की ताबड़तोड़ छापेमारी से बिजली चोरों के बीच हड़कंप मच गया है, जिसके चलते कई लोगों पर कानूनी कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
जाले थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में विभाग की टीम ने लगातार तीन दिनों तक अभियान चलाकर बिजली चोरी के बड़े मामलों का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में कुल आठ लोगों को अवैध रूप से बिजली का उपयोग करते हुए पकड़ा गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विभाग ने सभी आरोपियों के खिलाफ जाले थाने में तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई है।
तीन दिनों तक चली ताबड़तोड़ छापेमारी
विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई 11 मार्च से 13 मार्च तक चली। कमतौल के कनीय अभियंता (जेई) वकील आलम अंसारी के नेतृत्व में एक टीम ने 11 मार्च को राढ़ी दक्षिणी पंचायत के नरौछ और मस्सा पंचायत के धनकौल गांव में छापेमारी की थी। वहीं, 12 मार्च को जाले जेई कुमार गौरव ने भटपोखरा गांव में और 13 मार्च को लतराहा व दोघरा गांव में टीम के साथ जांच अभियान चलाया।
जाले में Electricity Theft रोकने को लेकर विभाग सख्त
इस पूरी कार्रवाई के दौरान बिजली विभाग ने कुल आठ लोगों को बिजली चोरी करते हुए रंगे हाथ पकड़ा। विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
- सावरा खातून (नरौछ)
- पप्पू यादव (धनकौल)
- जोगिंदर कुमार यादव (धनकौल)
- ममता देवी (धनकौल)
- किरण देवी (धनकौल)
- गोविंद कुमार (भटपोखरा)
- राम सुरत साह (लतराहा)
- इस्लाम साह (दोघरा)
इन सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
हजारों के राजस्व नुकसान पर विभाग सख्त
अधिकारियों ने बताया कि इन लोगों द्वारा की जा रही बिजली चोरी से विभाग को हजारों रुपये के राजस्व की क्षति हुई है। बिजली चोरी एक गंभीर अपराध है और इससे सरकारी खजाने को सीधा नुकसान पहुंचता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी आरोपितों के विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और भविष्य में भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे।




