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Darbhanga News: जाले प्रमुख और उपप्रमुख की कुर्सी बचाने में कोरम बना ‘ब्रह्मास्त्र’, विपक्ष की सारी रणनीति हुई फेल

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Jale News: सियासत की बिसात पर शह और मात का खेल तो चलता ही रहता है, लेकिन जाले में तो बाजी शुरू होने से पहले ही पलट गई। प्रमुख और उपप्रमुख को हटाने के लिए बुलाई गई बैठक में विपक्ष अपने ही सदस्यों को एकजुट नहीं रख सका और सारी रणनीति धरी की धरी रह गई।

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Jale News: कोरम के अभाव में कैसे बचा प्रमुख-उपप्रमुख का पद?

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जाले प्रखंड में शनिवार का दिन राजनीतिक सरगर्मियों से भरा रहा। प्रखंड प्रमुख फूलों बैठा और उपप्रमुख अब्दुल राजिक के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया था। सर्वोच्च न्यायालय और पंचायती राज विभाग के स्पष्ट निर्देशों के तहत यह बैठक प्रखंड मुख्यालय स्थित सूचना एवं प्रौद्योगिकी भवन के सभागार में संपन्न हुई। लेकिन विपक्ष का दांव उल्टा पड़ गया जब बैठक शुरू होने पर गिनती हुई तो आवश्यक सदस्य ही मौजूद नहीं थे।

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बैठक की अध्यक्षता मुरैठा पंचायत के पंचायत समिति सदस्य संजय कुमार मिश्र ने की, जबकि इसका संचालन कार्यपालक पदाधिकारी सह प्रभारी बीडीओ मनोज कुमार द्वारा किया गया। पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए जिलाधिकारी द्वारा प्रतिनियुक्त पर्यवेक्षक के तौर पर वरीय उप समाहर्ता निशांत कुमार भी मौजूद रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बैठक का मुख्य एजेंडा प्रमुख और उपप्रमुख के विरुद्ध लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान कराना था, लेकिन सदस्यों की बेहद कम उपस्थिति ने इस पर पानी फेर दिया।

## क्या था पूरा मामला?

कार्यपालक पदाधिकारी मनोज कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि जाले प्रखंड में पंचायत समिति सदस्यों की कुल संख्या 30 है। किसी भी अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा या मतदान के लिए दो-तिहाई सदस्यों यानी 20 सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य होती है। लेकिन शनिवार को हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में मात्र 8 निर्वाचित पंचायत समिति सदस्य ही उपस्थित हुए, जो आवश्यक कोरम से बहुत कम थे। यह आंकड़ा विपक्ष की कमजोर रणनीति और अंदरूनी कलह को उजागर करता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

दिलचस्प बात यह है कि शुक्रवार को ही 11 सदस्यों ने प्रभारी बीडीओ को अविश्वास प्रस्ताव का आवेदन सौंपा था। लेकिन बैठक के दिन उन 11 सदस्यों में से भी 3 सदस्य अनुपस्थित रहे, जिससे विपक्ष की पूरी योजना विफल हो गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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## अधिकारियों ने की विफलता की घोषणा

जब बैठक में आवश्यक कोरम पूरा नहीं हो सका, तो अधिकारियों ने नियमानुसार आगे की कार्रवाई की। कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव पर विचार और मतदान के लिए जरूरी कोरम पूरा नहीं होने के कारण मतदान कराना संभव नहीं था। इसी आधार पर प्रमुख फूलों बैठा और उपप्रमुख अब्दुल राजिक के विरुद्ध लाया गया अविश्वास प्रस्ताव कोरम के अभाव में असफल घोषित कर दिया गया। इस घोषणा के साथ ही प्रमुख और उपप्रमुख ने अपनी कुर्सी बचाने में कामयाबी हासिल कर ली, वह भी बिना किसी शक्ति प्रदर्शन के। यह घटना प्रखंड की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है।

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