Gramin Haat: जैसे सूखी धरती पर पहली बारिश की बूंदें उम्मीद लेकर आती हैं, वैसे ही जाले प्रखंड के ग्रामीण बाजारों के लिए एक नई सुबह का सूरज उगने वाला है। सरकार की जी-राम-जी योजना के तहत अब क्षेत्र के पुराने और पारंपरिक हाटों का कायाकल्प होने जा रहा है, जिससे स्थानीय विक्रेताओं और किसानों को एक स्थायी व्यावसायिक ठिकाना मिल सकेगा।
शनिवार को इसी सिलसिले में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया जब जी-राम-जी योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी रजनीश कुमार ने ब्रह्मपुर पूर्वी पंचायत में स्थित ऐतिहासिक ब्रह्मपुर हाट का स्थलीय निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य योजना के तहत होने वाले निर्माण कार्यों की जमीनी हकीकत का जायजा लेना था। उन्होंने बताया कि प्रखंड क्षेत्र में ग्रामीण हाट निर्माण की योजना को आधिकारिक स्वीकृति मिल चुकी है।
कार्यक्रम पदाधिकारी के अनुसार, योजना के पहले चरण में दो प्रमुख हाटों को चुना गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इनमें ब्रह्मपुर हाट और घोघराहा हाट शामिल हैं। इन दोनों बाजारों को मनरेगा के माध्यम से एक पक्का और सुव्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया जाएगा, ताकि यहां व्यापार करने वालों को धूप और बारिश जैसी समस्याओं से निजात मिल सके।
Gramin Haat निर्माण के लिए निरीक्षण हुआ पूरा
निरीक्षण के दौरान कार्यक्रम पदाधिकारी रजनीश कुमार ने निर्माण से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर गौर किया। उनके साथ ब्रह्मपुर पूर्वी पंचायत के रोजगार सेवक और पंचायत तकनीकी सहायक धीरेश कुमार भी मौजूद थे, जिन्होंने स्थल से जुड़ी तकनीकी जानकारियां साझा कीं। अधिकारियों की टीम ने पूरे हाट परिसर का मुआयना किया और निर्माण के लिए जरूरी भूमि एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता का आकलन किया। इस विकास कार्य में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की महत्वपूर्ण भूमिका होगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
इस योजना से न केवल विक्रेताओं को सुविधा होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। पक्के चबूतरे, शेड और अन्य बुनियादी सुविधाओं के निर्माण से इन बाजारों की व्यावसायिक क्षमता बढ़ जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
अनापत्ति प्रमाण पत्र का इंतजार, जल्द शुरू होगा काम
कार्यक्रम पदाधिकारी ने बताया कि दोनों हाटों को पक्का स्वरूप देने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। इसके लिए जाले के अंचलाधिकारी (सीओ) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की मांग की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे ही सीओ कार्यालय से यह प्रमाण पत्र प्राप्त होता है, निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से प्रारंभ कर दिया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशासन का लक्ष्य इस कार्य को बिना किसी देरी के पूरा करना है ताकि स्थानीय लोगों को इसका लाभ जल्द से जल्द मिल सके।





