

Graveyard Fire: इबादत की रात जब दुआओं की जगह लपटें उठने लगीं, तो पूरा इलाका सहम गया। आस्था की एक छोटी सी चिंगारी ने देखते ही देखते पूरे कब्रिस्तान को अपनी आगोश में ले लिया।
जाले में मची अफरातफरी, कब्रिस्तान में लगी भीषण आग, जानें कैसे हुआ ये Graveyard Fire
जाले प्रखंड क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां मुसलमानों के पवित्र पर्व शब-ए-बरात की रात एक कब्रिस्तान में भीषण आग लग गई। घटना मस्सा पंचायत स्थित कब्रिस्तान की है, जहां इबादत करने आए लोगों द्वारा जलाई गई मोमबत्ती और अगरबत्ती से सूखी घास में आग पकड़ ली और पूरा कब्रिस्तान धू-धू कर जलने लगा।
जानकारी के अनुसार, शब-ए-बरात के मौके पर अकीदतमंद अपने पूर्वजों की कब्र पर फातिहा पढ़ने और दुआ करने के लिए कब्रिस्तान पहुंचे थे। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने अपने पुरखों की कब्र पर सूखी खर-पतवार के बीच ही मोमबत्ती जलाकर छोड़ दी। कुछ ही देर में मोमबत्ती की लौ ने सूखी घास को अपनी चपेट में ले लिया और आग की ऊंची लपटें उठने लगीं।
कैसे एक मोमबत्ती बनी Graveyard Fire का कारण
आग की भयावह लपटों को देखकर आसपास के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। लोग फौरन अपने-अपने घरों से बाल्टी और अन्य बर्तनों में पानी भरकर आग बुझाने के लिए दौड़ पड़े। ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत और एकजुटता के बाद देर रात करीब 12 बजे आग पर काबू पा लिया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके बाद सभी लोग अपने-अपने घरों को लौट गए।
लेकिन यह शांति अस्थायी साबित हुई। बुधवार को दिन के करीब 11 बजे, कब्रिस्तान में रखे कटे हुए खर-पतवार के एक ढेर से अचानक धुआं उठने लगा और फिर से आग धधक उठी। इस बार आग ने और भी विकराल रूप ले लिया और कब्रिस्तान के बचे-खुचे हिस्से को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे संपूर्ण कब्रिस्तान जलकर राख हो गया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
बुझने के बाद दोबारा कैसे भड़क उठी आग?
घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों में हाजी मुस्ताक, मो. अकील, और अफजल सिद्दीकी ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसी घटना पहले कभी नहीं देखी थी। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से लोगों की लापरवाही का नतीजा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उनका कहना था कि पवित्र पर्व शब-ए-बरात के दौरान लोगों को और अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए थी। इस घटना ने भविष्य में और अधिक सावधान रहने की एक बड़ी सीख दी है।

