
Jale News: Makar Sankranti के पावन अवसर पर आस्था और परंपरा का संगम एक बार फिर देखने को मिला। जब सूर्यदेव उत्तरायण हुए तो हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र कुंडों में डुबकी लगाकर अपनी श्रद्धा अर्पित की।
मकर संक्रांति 2024: जाले के गौतम कुंड में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों ने किया पवित्र स्नान
मकर संक्रांति पर्व: सनातन परंपरा की जीवंत धरोहर गौतम कुंड
मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर जाले प्रखंड क्षेत्र में भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा दिखा। ब्रह्मपुर पश्चिमी पंचायत स्थित ऐतिहासिक गौतम कुंड में बिहार समेत मिथिला के कोने-कोने से हजारों भक्त पहुंचे। श्रद्धालुओं ने कुंड में डुबकी लगाकर सूर्यदेव को अर्घ्य दिया और दान-पुण्य कर इस महापर्व को धूमधाम से मनाया।
महर्षि गौतम आश्रम न्यास समिति के अनुसार, मकर संक्रांति सूर्य के उत्तरायण होने का प्रतीक है, जिसका सनातन धर्म में अत्यंत विशेष महत्व है। इस अवसर पर न्यास समिति के अध्यक्ष डॉ. विजय भारद्वाज ने सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गौतम कुंड हमारी प्राचीन सनातन संस्कृति और ऋषि परंपरा का एक जीवंत प्रतीक है। यहां किया गया धार्मिक स्नान न केवल शारीरिक शुद्धिकरण है, बल्कि आत्मिक शांति का भी मार्ग प्रशस्त करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
डॉ. भारद्वाज ने भक्तों से मंदिर परिसर का भ्रमण करने और राम दरबार के दिव्य दर्शन करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर के गुंबद का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। न्यास समिति ने सभी दानदाताओं से अपील की है कि वे सहयोग राशि केवल न्यास के अधिकृत खाते में या अधिकृत व्यक्ति को ही दें ताकि पारदर्शिता बनी रहे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
अन्य शिवालयों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
इधर, प्रखंड क्षेत्र के रतनपुर स्थित गंगेश्वर स्थान, मनमा स्थित मानेश्वरनाथ सहित कई अन्य शिवालयों में भी जलाभिषेक के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। भोर से ही श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और परंपरा के अनुसार धान का झोंटा अर्पित किया गया। इस वर्ष दो दिनों तक पर्व मनाए जाने और षट्तिला एकादशी की मान्यता के कारण पिछले वर्षों की तुलना में भीड़ कुछ कम देखी गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अब लोग पर्व और तिथियों से जुड़ी जानकारी मोबाइल फोन के माध्यम से आसानी से प्राप्त कर लेते हैं, जिससे पारंपरिक पंचांग परामर्श की पुरानी परंपरा में कमी आई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह धार्मिक स्नान की जानकारी अब लोगों को अपनी उंगलियों पर मिल जाती है।


