
जमीन सर्वे: बिहार के दरभंगा जिले का जाले अंचल इन दिनों एक बड़े बदलाव से गुजर रहा है। यहां जमीन सर्वे का काम युद्धस्तर पर जारी है, जो लाखों रैयतों के लिए राहत भरी खबर है। यह प्रक्रिया न केवल भूमि विवादों को सुलझाएगी, बल्कि भूमि रिकॉर्ड को भी आधुनिक और पारदर्शी बनाएगी।
सर्वे कार्य की प्रगति और पारदर्शिता
जाले अंचल क्षेत्र के विभिन्न मौजों में जमीन सर्वे और किश्तवार कार्य तेजी से चल रहा है। इसमें थाना संख्या 49/2 रतनपुर कोरहंस, 35 रजौन असली, 12 हरौली, 36 रजौन चकराजी, 41 चकमिल्की, 28 सैदराबाद, 56/2 ब्रह्मपुर, 8 गररी, 42 चकततैला, 4/2 खेराज, 29 मिल्कपौनी एवं 9 पखौली जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। वहीं, थाना संख्या 45 लालपुर और थाना संख्या 2 बररी में किश्तवार कार्य पहले ही पूरा कर लिया गया है, जिससे इन क्षेत्रों के रैयतों को काफी सहूलियत हुई है।
जमीन सर्वे: कहां-कहां पूरा हुआ और कहां जारी?
सर्वे टीम रैयतों के खेतों पर पहुंचकर जमीन और संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच व सत्यापन कर रही है। कर्मियों ने ग्रामीणों से विशेष अपील की है कि वे सभी आवश्यक कागजात तैयार रखें, ताकि जमीन सर्वे का कार्य समय पर और त्रुटिरहित तरीके से संपन्न हो सके। सर्वे प्रभारी कुंवरजीत राजा और सर्वे कानूनगो घनश्याम कुमार ने आश्वस्त किया है कि यह कार्य पूरी पारदर्शिता और सरकारी नियमों के अनुसार ही किया जा रहा है।
आवश्यक दस्तावेज सही पाए जाने पर संबंधित जमीन को नक्शे पर चिन्हित कर आगे की प्रक्रिया के लिए कार्यालय में जमा किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि जाले अंचल खेसरा और क्षेत्रफल के लिहाज से एक बड़ा अंचल है, जहां चार लाख से अधिक खेसरा दर्ज हैं। यह दिखाता है कि यहां सर्वे का काम कितना व्यापक है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
रैयतों का सहयोग, सर्वे में आसानी
सर्वे कर्मियों ने बताया कि ग्रामीण स्वयं अपने आवश्यक कागजात लेकर स्थल पर पहुंचकर सत्यापन करा रहे हैं, जिससे कार्य में काफी सहूलियत मिल रही है और प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। रैयतों के इस सहयोग से यह सुनिश्चित हो रहा है कि जमीन सर्वे का यह महत्वपूर्ण अभियान सफलतापूर्वक पूरा हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।







