
जाले नगर परिषद: दरभंगा के जाले में शनिवार को नगर परिषद की अहम बैठक हुई, जहाँ कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। मुख्य पार्षद पिंटू मेहता की अध्यक्षता में और कार्यपालक पदाधिकारी सुंदरम सानन्द के संचालन में हुई इस बैठक में न केवल पुरानी योजनाओं की समीक्षा की गई, बल्कि आगामी शहरी विकास के लिए भी कई बड़े निर्णय लिए गए, जो क्षेत्र की सूरत बदलने वाले हो सकते हैं।
महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई गरमागरम बहस
बैठक की शुरुआत पिछली कार्यवाही की पुष्टि के साथ हुई, लेकिन जल्द ही पार्षदों ने अपने वार्डों की समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाया। पार्षद मिर्जा वसीम बेग ने तालाब सौंदर्यीकरण परियोजना के अब तक शुरू न होने पर सवाल उठाए, जबकि पार्षद ई. इफ्तिखार ने जलजमाव, जल निकासी की लचर व्यवस्था और लगातार लगने वाले जाम से मुक्ति की मांग की। उन्होंने बैठक के बाद कार्यवाही की प्रति उपलब्ध न कराने का आरोप भी लगाया, जिस पर मुख्य पार्षद ने हर बैठक के सातवें दिन प्रोसीडिंग कॉपी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।इन समस्याओं पर गहन चर्चा हुई और उनके समाधान की दिशा में कदम उठाने पर सहमति बनी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह सुनिश्चित किया गया कि जन प्रतिनिधियों की आवाज़ को गंभीरता से सुना जाए और समस्याओं का त्वरित निवारण हो।
जाले नगर परिषद के प्रमुख फैसले और योजनाएं
इस बैठक में जाले नगर परिषद ने कई ऐसे प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया, जो सीधे तौर पर आम जनता से जुड़े हैं। इनमें शामिल हैं:
- मृत पालतू पशुओं के दफनाने हेतु एक हजार रुपये शुल्क पर जेसीबी की उपलब्धता।
- दुर्घटना में मृत व्यक्तियों के पोस्टमार्टम के लिए शव वाहन की खरीद और दरभंगा तक शव ले जाने का किराया 1500 रुपये निर्धारित करना।
- प्रत्येक वार्ड में सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण।
- सुभाष चौक और गांधी चौक का सौंदर्यीकरण।
- बाजार क्षेत्र में तिरंगा लाइटें लगाना।
- अनुपयोगी पंचायत भवनों में पुस्तकालयों का संचालन।
- जमीन विवाद निपटारे हेतु एक हजार रुपये शुल्क पर जमीन मापी की सुविधा।
- मां जालेश्वरी द्वार का निर्माण।
जनहित में लिए गए अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
बैठक में जनजीवन हरियाली योजना के तहत खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत, सोख्ता व फर्श निर्माण कर उन्हें चालू कराने तथा नल-जल योजना की वास्तविक स्थिति की समीक्षा भी की गई। इसका उद्देश्य था कि आगामी गर्मी के मौसम में पिछले साल जैसी जल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।इसके अलावा, शहर में जाम की गंभीर समस्या से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। इस उद्देश्य से 16+2 मानव बल को आठ-आठ घंटे की ड्यूटी पर रखने का प्रस्ताव भी पारित किया गया, ताकि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जा सके। ये कदम जाले नगर परिषद द्वारा शहर की बुनियादी सुविधाओं और शहरी विकास में सुधार लाने की दिशा में उठाए गए हैं।कुल मिलाकर, शनिवार को हुई इस बैठक में जाले नगर परिषद ने कई दूरगामी फैसले लिए, जिनका असर आने वाले समय में शहर के विकास पर दिखाई देगा।







