जाले न्यूज़: दरभंगा ज़िले के जाले प्रखंड की कतरौल-बसंत पंचायत में शनिवार को तीन पीडीएस दुकानों का ऑनलाइन निरीक्षण किया गया। इस दौरान सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी राजन कुमार ने पॉस मशीन, स्टॉक और भंडारण प्रदर्शन पट की गहनता से जांच की। मौके पर उपस्थित उपभोक्ताओं से भी उन्होंने वितरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की, जिससे इलाके में एक नई चर्चा छिड़ गई। इस औचक जांच का उद्देश्य क्या था और इसमें क्या सामने आया, यह जानने के लिए आगे पढ़ें।
प्रथम चरण का निरीक्षण
सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी राजन कुमार ने बताया कि यह निरीक्षण प्रत्येक माह की 28 या 29 तारीख को घोषित “जीरो ऑफिस डे” का हिस्सा है। इस दिन अधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र में जाकर जमीनी स्तर पर जांच करनी होती है। इसी क्रम में उन्होंने कतरौल-बसंत पंचायत में अवधेश यादव, वीणा देवी और आकांक्षा कुमारी की जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों का ऑनलाइन निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान, अधिकारी ने दुकान के स्टॉक में रखे अनाज की गुणवत्ता की जांच की। साथ ही, पॉस मशीन के रिकॉर्ड को ऑनलाइन अनाज स्टॉक से मिलाया और दुकानदार के साथ स्टॉक की तस्वीरें भी लीं। यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि अनाज का वितरण सही तरीके से हो रहा है और स्टॉक में कोई विसंगति न हो।
लाभार्थियों से सीधी बातचीत
जांच के दौरान, सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने दुकान पर उपस्थित लाभुकों, जिनमें नानुवती देवी, शान्ति देवी, रीता देवी, आरती देवी और विन्देश्वर बैठा शामिल थे, उनसे सीधे बातचीत की। उन्होंने उपभोक्ताओं से अनाज उठाते समय वजन और गुणवत्ता से संबंधित किसी भी समस्या या शिकायत के बारे में पूछा।
अधिकारी ने लाभार्थियों को यह भी स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि उन्हें विक्रेता से संबंधित कोई शिकायत है या अनाज के उठाव, वजन आदि में कोई परेशानी आती है, तो वे तुरंत इसकी जानकारी दें। उपभोक्ताओं के जवाब सुनने के बाद, राजन कुमार जिला मुख्यालय के लिए प्रस्थान कर गए।
समय सीमा और जांच का महत्व
राजन कुमार ने यह भी बताया कि पीडीएस की दुकानें दोपहर दो बजे तक ही खुली रहती हैं, इसलिए ऐसी जांच भी इसी समय सीमा के भीतर पूरी की जानी होती है। इस तरह के औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना और यह सुनिश्चित करना है कि लाभार्थियों को सही मात्रा और गुणवत्ता का अनाज समय पर मिल सके, जिससे किसी भी प्रकार की धांधली पर अंकुश लगाया जा सके।






