

Land Dispute: जमीनी विवादों के जंजाल में उलझे लोगों के लिए शनिवार का दिन राहत की फुहार लेकर आया, जब अंचल प्रशासन ने त्वरित न्याय की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाया।
जाले (दरभंगा)। प्रखंड के आईटी भवन सभागार में शनिवार को अंचलाधिकारी वत्सांक की अध्यक्षता में राजस्व न्यायालय का आयोजन किया गया। इस विशेष जनसुनवाई में भूमि विवाद से जुड़े कुल छह मामलों को पटल पर रखा गया, जिनकी क्रमवार सुनवाई हुई। मौके पर जाले थाना के एसआई उमेश पांडे और कमतौल थाना के एसआई महेश कुमार भी मौजूद रहे, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सुनवाई के दौरान जाले, राढ़ी, रेवढ़ा, बंधौली और कछुआ समेत विभिन्न पंचायतों के आवेदक अपनी-अपनी दलीलों और दस्तावेजों के साथ उपस्थित हुए। अंचलाधिकारी ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर दिया। इस राजस्व न्यायालय का मुख्य उद्देश्य लोगों को उनके घरों के पास ही सस्ता और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें लंबी और खर्चीली कानूनी प्रक्रियाओं से बचाया जा सके।
Land Dispute मामलों के निपटारे में दिखी तेजी
अंचलाधिकारी वत्सांक ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रस्तुत किए गए कुल छह मामलों में से पांच का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया। इन मामलों में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाकर और कागजातों की जांच कर समाधान निकाला गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वहीं, जाले पंचायत से आए दो मामलों में से एक मामले में और साक्ष्य की आवश्यकता को देखते हुए सुनवाई के लिए अगली तिथि निर्धारित की गई है।
पांच मामलों का तत्काल निष्पादन, एक को अगली तारीख
उन्होंने कहा कि अंचल प्रशासन आम लोगों को भूमि विवादों से जल्द से जल्द निजात दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में नियमित रूप से ऐसी जनसुनवाई का आयोजन किया जा रहा है। इसका लाभ यह है कि छोटे-छोटे विवादों को बढ़ने से पहले ही खत्म किया जा सकता है, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। प्रशासन के इस कदम की स्थानीय लोगों ने सराहना की है और उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन होते रहेंगे।


