

Jale School News: शिक्षा की दिशा तय करने वाले कर्णधारों का संगम हुआ। उम्मीदों की पोटली लिए, वे बैठे एक मेज पर, जहाँ विद्यालयी शिक्षा के हर पहलू पर मंथन हुआ। सोमवार को जाले प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय जोगियारा कन्या के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्रखंड क्षेत्र के कुल 25 सीआरसी में से 12 सीआरसी के तहत आने वाले सभी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापक शामिल हुए। यह बैठक विभाग से प्राप्त दो महत्वपूर्ण पत्रों के आलोक में बुलाई गई थी, जिसमें विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

Jale School News: बैठक की अध्यक्षता और महत्वपूर्ण चर्चाएँ
बैठक की अध्यक्षता सहसपुर मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं पूर्व बीआरपी मनोज कुमार ने की। उन्होंने उपस्थित प्रधानाध्यापकों को विभाग द्वारा जारी कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों से अवगत कराया। चर्चा के मुख्य बिंदु निम्नवत थे:
- वेतन संबंधी विषय-वस्तु की जानकारी।
- संपत्ति विवरण का समुचित संधारण।
- डीसी विपत्र मशाल से जुड़े निर्देश।
- टीएलएम (शिक्षण-अधिगम सामग्री) मेला की तैयारी।
- ई-शिक्षा कोष में उपस्थिति और अनुपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया।
- विद्यालय में समय-सारणी के अनुसार नियमित पठन-पाठन सुनिश्चित करना।
- प्रत्येक माह विद्यालय शिक्षा समिति की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित करना।
- समग्र शिक्षा मद की राशि की निकासी एवं नियमानुसार व्यय।
- मार्क ऑन ड्यूटी से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश।
मनोज कुमार ने इन सभी विषयों पर गहनता से प्रकाश डाला और प्रधानाध्यापकों की शंकाओं का समाधान भी किया।
बैठक में व्ययन एवं निष्कासन सह मध्य विद्यालय रेवढ़ा के प्रधानाध्यापक खालिद जौहर की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। इस दौरान विद्यालयों में शैक्षणिक सुधार लाने और प्रशासनिक कार्यों को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि इन निर्देशों का पालन कर ही हम शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण पर जोर
यह बैठक जाले प्रखंड के शिक्षा क्षेत्र में एक नई ऊर्जा का संचार करने वाली साबित हुई। सभी प्रधानाध्यापकों ने इन निर्देशों का पूरी निष्ठा के साथ पालन करने का संकल्प लिया, ताकि उनके विद्यालयों में न केवल शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया बेहतर हो, बल्कि समग्र विद्यालय प्रबंधन भी प्रभावी बन सके। भविष्य में होने वाले शैक्षणिक सुधार के प्रयासों में यह बैठक एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



You must be logged in to post a comment.