

जाले। शारदीय नवरात्र प्रारंभ हो गया है। दुर्गा पूजा को लेकर वातावरण भक्तिमय हो गया है। मां भगवती की उपासना एवं आराधना को लेकर भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है।
अहले सवेरे से लोग अपने-अपने घरों में कलश स्थापना को लेकर व्यस्त दिखे। घर-घर से दुर्गा सप्तशती का श्लोक वातावरण में गुंजयमान है। वही सार्वजनिक पूजा पंडाल में इस वर्ष पिछले साल की अपेक्षा दुर्गापूजा पंडाल को विशेष रूप दिया जा रहा है।
कोरोना संक्रमण की वजह से भक्तगण पिछले साल उतनी धूम-धड़ाके से दुर्गापूजा का त्योहार नहीं मना पाए उसकी कसर इस बार पूरा कर रहें हैं।
जाले प्रखंड क्षेत्र में दस स्थलों पर दुर्गा मंदिर व पंडाल में सार्वजनिक पूजा को अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन किया गया है। श्रद्धालुओ की सर्वाधिक भीड़ जाले स्थित ऋषि याज्ञवल्य की आराध्या माता जालेश्वरी मंदिर एवं इस परिसर में सार्वजनिक दुर्गापूजा पंडाल में है।
घोघराहा स्थित मां दुर्गा पूजा पंडाल से कलश यात्रा निकालकर माता के मन्दिर पहुंची यहां कलश स्थापना कर पूजा प्रारम्भ हो गया। प्रथम माता शैलपुत्री की पूजा अर्चना के साथ सभी पूजा पंडालों मन्दिर व श्रद्धालुओ के घर में पूजा प्रारम्भ हो गई है।
हालांकि प्रशासन ने भीड़-भाड़ और किसी भी तरह का कार्यक्रम करने की रोक लगाई हैं। लेकिन फिर भी भक्तों का उत्साह चरम पर हैं।
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