

जाले। कृषि विज्ञान केंद्र जाले के सभागार में विश्व मृदा दिवस पर खेतों की मिट्टी में काम करने वाले कृषि विज्ञान केंद्र के मजदूरों को राज्य सरकार के श्रम संसाधन आईटी मंत्री जीवेश कुमार (Minister Jivesh Kumar honored the workers of Jale Krishi Vigyan Kendra with a sheet of paper) ने पाग-चादर ओढा कर सम्मानित किया।
मंत्री जीवेश कुमार ने कहा
मिट्टी में काम करने वाले यह मजदूर वाकई धरती पुत्र हैं। इन्हीं की बदौलत इन्हीं की मेहनत से हम आहार ग्रहण करते हैं। इन्हें हम धरती के भगवान हैं, हम इनका अभिनंदन, वंदन, चंदन करते हैं।
वैज्ञानिकों ने खेतों की उर्वरा शक्ति कम होते देख चिंता जताई
उन्होंने कहा कि आप अपने खेतों के मिट्टी की जांच करा कर ही उर्वरक डालें जब तक मिट्टी जांच नहीं होगी तब तक बिना नियमन के खाद डालना ठीक नही है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपने औकात से ज्यादा भोजन कर ले तो वह बीमार पड़ जाएगा, इसी तरह आप भी धरती मां को इतना ही आप खाद उर्वरक दें जितनी उसे आवश्यकता है।

इन्होंने कहा कि अत्यधिक रासायनिक उर्वरक उपयोग करने से आज पंजाब राज्य में सर्वाधिक कैंसर पीड़ित लोग हैं,वहां की उर्वरा धरती बंजर धरती बनती जा रही है।
कृषि वैज्ञानिकों का जीरो टिलेज से खेती करने पर जोर
किसान वहां संपन्न से विपन्नत की ओर बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने किसानों को बिना मिट्टी जांच कराए अपने अपने खेतों में उर्वरक का काम से काम प्रयोग करने का आह्वान दुगुना फसल उत्पादन करते हुए, ज्यादा से ज्यादा जैविक खाद प्रयोग करने का अनुरोध किया।
मृदा दिवस दिवस पर मिट्टी जांच कर ही बुआई का अनुरोध
मौके केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉक्टर दिव्यांधु शेखर ने किसानों से अनुरोध किया कि आप अपने खेतों का मिट्टी जांच खराब है बड़ी तेजी से आपके खेतों का मृदा क्षरण हो रहा है। आप अपने खेतों में जीरो टिलेज दीदी से ज्यादा से ज्यादा खेती करें जिससे की मेहनत भी कम लगेगी और उपज निश्चित रूप से दोगुना होगा।
उन्होंने कहा कि प्रखंड क्षेत्र के 5 गांवों के किसानों का खेती रोटी ले विधि से किया जा रहा है जहां किसान इस वर्ष भी एक कट्ठा जमीन में 1 क्विंटल से अधिक अनाज प्राप्त किया है आप विश्व की बढ़ती आबादी को देखते हुए अपने खेतों में जीरो टिलेज से खेती करें इन्होंने मृदा क्षरण की पर चिंता जताई।
मृदा संरक्षण विषय पर आत्मा के परियोजना निदेशक पूर्णेंदु नाथ झा ने कई नवीनतम जानकारी दी इन्होंने किसानों से आह्वान किया की आप कृषि जनित पशु पालन मत्स्य पालन आदि प्रोजेक्ट प्रारंभ करें हम किसान भाई को अस्वथ्य करता हूं की पूंजी का आभाव नही होगी।

पौधा रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी प्रसाद ने कहा कि मृदा हमारे जीवन का सबसे अमूल्य वस्तु है। इसी में लगभग सभी खाद्य पदार्थ समाई हुई है। मिट्टी में अत्यधिक रासायनिक खाद एवं दवा देने से संपूर्ण मिट्टी का लगभग पैंतीस फीसदी भाग खराब हो चुका है। इसके लिए जरूरी है कि किसान खेत की कम से कम जुताई करें।
संभव हो तो जीरो ट्रीलेज तकनीक का प्रयोग करें। खेत में हरी खाद डालें। पौधारोपण करें। ऐसा करने से मृदा के क्षरण को बचाया जा सकता है।
कार्यक्रम को डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के मृदा वैज्ञानिक संतोष कुमार आत्मा के सहायक निदेशक रसायनिक कुणाल रॉय प्रखंड विकास पदाधिकारी दीनबंधु दिवाकर प्रखंड कृषि पदाधिकारी उपेंद्र प्रसाद सिंघवारा के हरे राम चौधरी राम विजय कुमार अभिषेक कुमार समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।
इस मौके पर जाले एवम सिंहवारा प्रखंड के 200 किसानों को उनके खेतों की मिट्टी जांच मृदा कार्ड वितरित किया गया।
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