

विधायक शशिभूषण हजारी के निधन से हर तरफ शोक की लहर
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कुशेश्वरस्थान। प्रखंड के सतिघाट स्थित भाजपा कार्यालय में मंडल अध्यक्ष मणि कान्त झा की अध्यक्षता में कुशेश्वरस्थान के विधायक शशिभूषण हजारी के आकस्मिक निधन के उपरांत शोकसभा का आयोजन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
शोकसभा को संबोधित करते हुए मंडल अध्यक्ष श्री झा ने कहा कि कुशेश्वरस्थान विधानसभा के विधायक शशिभूषण हजारी कुछ दिनों से बीमार रहने के कारण गंगाराम अस्पताल दिल्ली में इलाजरत थे। अचानक आज सुबह अपने शरीर को छोड़कर भगवान के प्यारे हो गए।
उनके निधन से कुशेश्वरस्थान विधानसभा क्षेत्र को बहुत बड़ी क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि शशिभूषण हजारी एक परिपक्व राजनीतिज्ञ थे। कुशेश्वरस्थान के लोग पहले उन्हें गार्जियन फिर बाद में उन्हें विधायक मानते थे। किसी भी परिस्थिति को वे अपने अनुभव से बदलने की क्षमता रखते थे।

शोक सभा मे बाबा कामेश्वर दास, सत्येंद्र कुमार चौधरी, कपिलदेब महतो, रेणु कुमारी, संजय कुमार सिंह, मिंकू कुमार यादव, अनिल पासवान, मदन मोहन झा, रविन्द्र कुमार सिंह, कैलाश राय,कारी राम सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
इधर, जाले देशज टाइम्स संवाददाता के अनुसार, विधायक शशिभूषण हजारी के असमाजिक निधन पर उनके जानने वालों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन के समाचार फैलते ही जाले पूर्वी के गररी के वली इमाम वेग चमचम के आवास पर जदयू कार्यकर्ता व समर्थकों की भीड़ उमड़ गई।

गुरुवार को प्रखंड जनतादल यूनाइटेड शोकसभा आयोजित कर दिबंगत विधायक शशिभूषण हजारी की याद में शोकसभा आयोजित कर उनके चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर जदयू कार्यकर्ताओ ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया।
मौके पर जदयू तकनीक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष वली इमाम बेग चमचम प्रखण्ड अध्यक्ष मनोज दास युवा जनता दल यू,अध्यक्ष रमीज रजा बेग हम के प्रखंड अध्यक्ष सुरेश चौधरी,जौहर इमाम,इकराम बेग,शशि रंजन प्रसाद चुनचुन, श्रवण दास,आशुतोष अमन युवा विधानसभा प्रभारी जाले, आदि लोग शामिल थे।
इधर, दरभंगा में विद्यापति सेवा संस्थान ने शोक जताया। वृहस्पतिवार की सुबह उनके निधन की खबर आने के बाद अपने शोक संदेश में विद्यापति सेवा संस्थान के महासचिव डॉ. बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने दिवंगत नेता को नेक इंसान, कुशल सामाजिक कार्यकर्ता, मिलनसार स्वभाव का इमानदार नेता और मिथिला-मैथिली के विकास का समर्पित हितैषी बताया।
मैथिली अकादमी के पूर्व अध्यक्ष पं कमलाकांत झा ने उन्हें सांगठनिक क्षमता से भरपूर जमीन से जुड़ा नेता बताया। सचिव प्रो जीव कांत मिश्र ने कहा कि उनके निधन से दरभंगा की राजनीति में कार्यकर्ता युग का अंत हो गया। वरिष्ठ साहित्यकार मणिकांत झा ने उन्हें मिथिला-मैथिली के विकास का समर्पित हितचिंतक बताया।
मीडिया संयोजक प्रवीण कुमार झा ने अपने शोक संदेश में कहा कि उनके जाने से समाज सेवा के रास्ते राजनीति साधने वाला एक मजबूत स्तंभ ढह गया। डाॅ महेन्द्र नारायण राम ने कहा कि उनके निधन से मिथिला मैथिली के सर्वांगीण विकास का सपना देखने वाला एक सशक्त अभियानी हमने खो दिया।
उनके प्रति शोक संवेदना व्यक्त करने वाले अन्य लोगों में हरिश्चंद्र हरित, डॉ. गणेश कांत झा, विनोद कुमार झा, प्रो. विजयकांत झा, हीरा कुमार झा, प्रो चंद्रशेखर झा बूढा भाई, प्रो. चंद्र मोहन झा पड़वा, डॉ. उदय कांत मिश्र, आशीष चौधरी, चंदन सिंह, चौधरी फूल कुमार राय, श्याम किशोर राम आदि शामिल थे।
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