
- मुख्य बातें
जदयू के प्रदेश महासचिव सह जदयू सेवादल के दरभंगा ज़िला अध्यक्ष मो.रिजवान आज़ाद समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं का भाकपा माले में शामिल होने पर हमारा अभिनंदन : धीरेंद्र, - देश को बचाने के लिये एक बड़े आंदोलन की जरूरत: माले,
- उन्मादियों को संरक्षण देना बंद करे सरकार:बैद्यनाथ यादव,
- अल्पसंख्यकों, दलितों और महिलाओं पर बढ़ते हमले का डटकर प्रतिवाद होगा : नेयाज अहमद
दरभंगा। आज भाकपा माले कार्यालय में जदयू के प्रदेश महासचिव सह जदयू सेवा दल के दरभंगा ज़िला अध्यक्ष मो. रिजवान आज़ाद सहित दर्जनों जदयू के कार्यकर्ताओं ने भाकपा माले की सदस्यता ली। उनलोगों ने इस बात का ऐलान किया कि बिहार में भाकपा माले ही सदन से लेकर सड़कों पर इंसाफ की आवाज़ उठाती है।
कहा कि सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता, शिक्षा-रोज़गार-स्वास्थ्य सहित बढ़ते अपराध के खिलाफ आंदोलन का नाम माले है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अब भाजपा-आरएसएस के सामने नतमस्तक हो गए हैं,उनसे अब कोई और उम्मीद नहीं बची है। ऐसी स्थिति में हमलोगों ने माले में शामिल होने का फैसला किया है।
भाकपा माले में शामिल होने वाले नेताओं-कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए पार्टी पोलित ब्यूरो के सदस्य सह मिथिलांचल प्रभारी धीरेन्द्र झा ने कहा कि हमारा प्यारा देश भारत अभूतपूर्व संकट के दौर से गुजर रहा है।अर्थव्यवस्था की तबाही के साथ आमजन मंहगाई-बेरोज़गारी के भीषण बोझ तले कराह रही है।
भाजपा-जदयू की केंद्र सरकार बढ़ते जनाक्रोश को दबाने के लिये देश के भीतर उन्मादी माहौल बनाने में लगी है।उन्मादी संगठनों और भीड़ को ऐसा खुला सरकारी संरक्षण इतिहास में कभी नही मिला। कानून का राज़ और संविधान की गरिमा को रौंदने वाले को शाबाशी मिल रही है।
दिल्ली से लेकर दरभंगा तक यह खेल चल रहा है। कानून से ऊपर कोई नहीं है और एकबार अगर यह प्रक्रिया ध्वस्त हो गयी तो देश-समाज में अराजकता मच जाएगी। भाजपा-आरएसएस के लिये अलग प्रशासनिक नज़रिया और आमलोगों के लिये अलग-यह नही चलेगा।
उन्होंने कहा कि आरएसएस-भाजपा की उन्मादी हरकतें राम का नाम बदनाम कर रही है।आगे उन्होंने कहा कि न्याय और विकास का तहरीक इस समय की जरूरत है। शिक्षा-रोज़गार और स्वास्थ्य पर बड़े आंदोलन समय की मांग है।
दलित, गरीब और मज़दूरों को जगाना है और देशबेचू आदमखोर ताकतों को भगाना है,का मुहिम तेज़ करना है,और इसमें समाज के हर प्रगतिशील हिस्से को साथ लेना है।बोचहां उपचुनाव का परिणाम बदलते बिहार की तस्वीर को पेश करता है।वामपंथी आंदोलन को मजबूत करना है और महागठबंधन की धार को तेज करनी है।
वहीं, इस अवसर पर भाकपा(माले) राज्य स्थायी समिति सदस्य सह जिला सचिव बैद्यनाथ यादव ने कहा कि बिहार की नीतीश सरकार आरएसएस की गोद मे बैठकर उन्मादियों को संरक्षण देने का काम रही है। जिस पर तत्काल रोक लगना चाहिए।
वही इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद में कहा कि अल्पसंख्यक, दलितों, गरीबो, महिलाओं पर हमला के खिलाफ डटकर प्रतिवाद करना होगा।
वही भाकपा(माले) के वरिष्ठ नेता आर के सहनी जदयू छोड़ माले में शामिल हुए दर्जनों कार्यकर्ता का स्वागत किया। तथा पार्टी सदस्यों को शपथ दिलाई।
इस अवसर पर जदयू छोड़ने वालो में रिजवान आज़ाद प्रदेश महासचिव सह दरभंगा जिला संगठन प्रभारी जदयू, शिव रतन यादव प्रखंड अध्यक्ष जदयू सेवा दल सिंहवाड़ा, राजेश झा जिला उपाध्यक्ष जदयू, डॉ.मो.जावेद जिला युवा महासचिव जदयू, कन्हैया पूर्वे जिला युवा महासचिव जद यू, वीरेन्द्र सहनी जिला युवा उपाध्यक्ष जदयू, शैफ अली कार्यकर्ता जदयू, रौशन
कुमार यादव, राशबिहारी यादव, हरिमोहन यादव, रामु महतो, सतेंद्र नाथ झा युवा प्रखंड अध्यक्ष जाले, राजेश झा, इंद्र कांत झा ने आज भाकपा (माले) का सदस्यता ग्रहण किये। इस अवसर पर दर्जनो भाकपा (माले) कार्यकर्ता ने भाग लिया।