

अनियमितता को लेकर विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता एवं विभागीय मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। बाढ़ सुरक्षा एवं जल ग्रहण क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से कमला एवं जीवछ नदी में उड़ाहीकरण एवं बांध सुदृढ़ीकरण कार्य के साथ साथ 15 स्थानों पर छठ घाट का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें उराहीकरण से लेकर बांध सुदृढ़ीकरण तक का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है।
वहीं, आधे से अधिक छठ घाटों का भी निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। लेकिन छठ घाट के निर्माण में व्यापक अनियमितता देखने को मिल रही है। एक तो किसी भी कार्य योजना पर कोई विवरण पटि्का नहीं लगाई गई है, जिससे कि आम लोग उस कार्य के संबंध में कुछ जानकारी ले सकें या कार्य की गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनी रहे।
दूसरी ओर, घाट निर्माण में कबाड़ से खरीद कर लाए गए पुराने लोहे का छड़ का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है । साथ ही ढलाई में प्रयुक्त हो रहे गिट्टी, बालू एवं सीमेंट के गुणवत्ता और मानक का कहीं तालमेल नहीं दिख रहा है और ना ही इसके संबंध में कोई विभागीय साइन बोर्ड लगाया गया है, जिससे लोग देखिए समझ सके।
दूसरी ओर, भूतनाथ मंदिर से कटवासा घाट तक बांध सुदृढ़ीकरण कार्य को यथावत छोड़ दिया गया है जो कि विभाग के लिए प्रतिवर्ष कामधेनु साबित होती है। बाढ़ के समय में आनन-फानन बोरे में मिट्टी भरकर बाढ़ का पानी रोकने का असफल प्रयास की जाती है जो कभी सफल नहीं हो पाती है और लोगों को तबाही झेलने को मजबूर होना पड़ता है। एक बार पुनः उक्त तबाही झेलने को पोहदी एवं महिनाम ग्रामवासी को मजबूर होना पड़ेगा।
अनियमितता को लेकर विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता एवं विभागीय मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। पोहद्दी पंचायत के मुखिया राज्य मनी देवी एवं समिति सदस्य प्रेम कुमार झा ने विभागीय अभियंता एवं मंत्री को आवेदन भेज कर अविलंब कार्रवाई की मांग की है।
इधर संबंध में पूछने पर कार्यपालक अभियंता सुहैल अहमद बताते हैं
कि कनीय अभियंता और सहायक अभियंता को जांच करने का निर्देश दिया गया है। जबकि दोनों अभियंता झांकने भी नहीं आते हैं।




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