दरभंगा के कमतौल थाना परिसर में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर का रिचार्ज खत्म होने से अचानक बिजली आपूर्ति ठप हो गई। लगभग आठ घंटे तक चली इस बिजली कटौती के कारण थाने का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ और ऑनलाइन सेवाएं भी बाधित हो गईं।
कमतौल थाना में बिजली न होने से पूरे दिन अव्यवस्था का माहौल रहा। सुबह से ही बिजली गुल होने के कारण पुलिसकर्मी और आम जनता, जो अपने कामों से थाने आए थे, परेशान दिखे। बिजली के बिना कई महत्वपूर्ण कार्य अटक गए, जिससे लोगों को काफी असुविधा हुई।
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थानों में बिजली की महत्ता और बाधित कामकाज
पुलिस थानों में निर्बाध बिजली आपूर्ति एक अनिवार्य आवश्यकता है। बिजली के बिना ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने से लेकर सीसीटीएनएस (अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम) आधारित सभी कार्य ठप पड़ जाते हैं। कमतौल में बिजली गुल होने से कंप्यूटर संबंधी अन्य गतिविधियां भी बुरी तरह प्रभावित हुईं, जिससे पुलिस रिकॉर्ड और डेटा प्रबंधन में बाधा आई।
ऑनलाइन एफआईआर की प्रक्रियाएं रुक गईं, जिससे नागरिकों को अपनी शिकायतें दर्ज कराने में परेशानी का सामना करना पड़ा। सीसीटीएनएस जैसे राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण सिस्टम पर आधारित कार्य भी बाधित हो गए। इस दौरान पुलिसकर्मी फाइलों और कागजी कार्रवाई तक सीमित रहे, जबकि आधुनिक पुलिसिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म आवश्यक हैं।
बिजली कटौती ऐसे समय हुई जब उमस भरी गर्मी अपने चरम पर थी। थाना कर्मियों को बिना पंखे या कूलर के काम करना पड़ा, जिससे उनकी कार्यक्षमता प्रभावित हुई। विभिन्न कार्यों से थाना पहुंचे लोगों को भी भीषण गर्मी और असुविधा का सामना करना पड़ा, जिससे उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा।
स्मार्ट मीटर ने बढ़ाई मुसीबत, फिर कैसे बहाल हुई बिजली?
स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर की अवधारणा बेशक आधुनिक है, लेकिन रिचार्ज खत्म होने की स्थिति में यह बिजली आपूर्ति को तुरंत बाधित कर देता है। बिहार में ऐसे कई स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। कमतौल थाना में भी इसी तकनीकी चूक के कारण आठ घंटे तक बिजली गुल रही, जिसने पुलिस के काम को प्रभावित किया और Bihar Power Cut News में इस घटना को प्रमुखता मिली।
बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद कमतौल थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक संजीव कुमार चौधरी ने तत्काल कदम उठाया। उन्होंने अपने सरकारी मोबाइल फोन से कमतौल बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) मो. वकील आलम अंसारी से संपर्क किया और इस अप्रत्याशित समस्या की शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने पर जेई अंसारी ने थानाध्यक्ष से स्मार्ट मीटर की तस्वीर भेजने का अनुरोध किया। तस्वीर मिलने के बाद, बिजली विभाग ने रिचार्ज की स्थिति की जांच की और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कीं। इन प्रक्रियाओं के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद, अंततः थाना में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
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बिजली बहाल होते ही थाना परिसर में सभी कार्य फिर से सामान्य रूप से शुरू हो गए। ऑनलाइन सेवाएं, कंप्यूटर आधारित कार्य और अन्य दैनिक गतिविधियां सुचारु रूप से चलने लगीं। थानाध्यक्ष चौधरी ने पुष्टि की कि अब सभी आवश्यक कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न किए जा रहे हैं।
इस घटना ने यह दर्शाया कि आधुनिक तकनीक के फायदे होते हैं तो वहीं उसके प्रबंधन में छोटी सी चूक भी बड़ी समस्या खड़ी कर सकती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि सार्वजनिक महत्व के संस्थानों में बिजली जैसी मूलभूत सेवाओं में कोई व्यवधान न आए।







