
Kamtaul News: आस्था का सैलाब सड़कों पर उमड़ा और मां की विदाई में आंखें नम हो गईं, नौ दिनों तक भक्ति में डूबे माहौल का चैती दुर्गा पूजा के प्रतिमा विसर्जन के साथ समापन हो गया। कमतौल और अहल्यास्थान समेत पूरे इलाके में शनिवार देर शाम देवी दुर्गा समेत अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का जल प्रवाह पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया। इस दौरान मंदिरों और पूजा पंडालों में मां के दर्शन और नमन के लिए भक्तों की भारी भीड़ लगी रही।
नौ दिनों तक चले चैती नवरात्र के दौरान पूरा इलाका भक्ति के रंग में सराबोर रहा। शनिवार को अंतिम दिन हवन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। शाम होते ही प्रतिमा विसर्जन की तैयारियां शुरू हो गईं और माहौल जयकारों से गूंज उठा।
Kamtaul News: भक्तिमय माहौल में शांतिपूर्ण समापन
कमतौल में मां दुर्गा को विदाई देने के लिए एक विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जो मां के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। भक्ति गीतों पर झूमते-गाते भक्तों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। यह एक अद्भुत दृश्य था, जहां हर कोई मां की भक्ति में डूबा नजर आ रहा था।
विसर्जन जुलूस के दौरान लोग एक-दूसरे को अबीर-गुलाल भी लगा रहे थे। शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए विसर्जन स्थल पर पहुंची, जहां विधिवत पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
विशाल शोभायात्रा में उमड़े श्रद्धालु
अहल्यास्थान और कमतौल, दोनों ही जगहों पर विसर्जन का कार्यक्रम पूरी धूमधाम से संपन्न हुआ। विशेषकर कमतौल में निकाली गई शोभायात्रा आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। इसमें शामिल श्रद्धालु ‘जय माता दी’ और ‘अगले बरस तू जल्दी आ’ जैसे नारे लगा रहे थे। उनकी आंखों में मां की विदाई की नमी तो थी, लेकिन अगले वर्ष उनके आगमन की खुशी भी झलक रही थी।
इस पूरे आयोजन ने इलाके में सामाजिक समरसता का संदेश दिया, जहां सभी ने मिलकर इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
विसर्जन कार्यक्रम के शांतिपूर्ण समापन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। विसर्जन जुलूस के पूरे मार्ग पर दंडाधिकारियों के नेतृत्व में सशस्त्र बलों की तैनाती की गई थी। पुलिस की टीमें लगातार गश्त कर रही थीं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन की मुस्तैदी के कारण पूरा कार्यक्रम बिना किसी बाधा के संपन्न हो गया।





