
कमौल में नवरात्र की महानवमी पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सिद्धदात्री देवी की आराधना के लिए मंदिरों और पूजा पंडालों में भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। सुबह से ही जयकारों, शंख ध्वनि और भजनों से माहौल भक्तिमय हो गया।
कमौल में मां दुर्गा की आराधना: सिद्धिदात्री का विशेष पूजन
चैत्र नवरात्र की महानवमी तिथि के पावन अवसर पर कमतौल में मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की आराधना के लिए पूजा पंडालों और मंदिरों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही जय माता दी के जयकारों, शंख ध्वनि और भजनों से वातावरण भक्तिमय होता रहा। अहल्यास्थान में श्रद्धालु सुबह से ही लंबी कतारों में लगकर मां के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना करते रहे। महिला श्रद्धालुओं द्वारा मातारानी का खोइन्छ भरने का सिलसिला भी चलता रहा और यह क्रम देर रात तक जारी रहा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

रामनवमी महोत्सव का भव्य आयोजन
वहीं, महर्षि गौतम आश्रम न्यास समिति गौतम कुंड की ओर से रामनवमी के पावन अवसर पर एक भव्य एवं दिव्य महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मिथिला के पावन अतिथि प्रभु श्रीराम का विशेष पूजन अर्चन कर 56 भोग का प्रसाद अर्पण किया गया। पंचामृत से विधिवत अभिषेक किया गया। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा बधाइयां गाकर प्रभु श्रीराम का अभिनंदन किया गया। भय प्रकट कृपाला दीन दयाला के मंगलगान से वातावरण भक्तिरस से सराबोर हो गया और उपस्थित श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।
शंखनाद एवं भव्य आरती के साथ प्रभु श्रीराम की आराधना की गई। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन हुआ, जिन्होंने अनुशासित एवं शांतिपूर्ण वातावरण में दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। न्यास समिति के अध्यक्ष डॉ. विजय भारद्वाज ने सभी श्रद्धालुओं को रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए आग्रह किया कि शांतिपूर्वक दर्शन करने के बाद राम दरबार का आशीर्वाद अवश्य ग्रहण करें। उन्होंने गौतम कुंड में चल रहे मंदिर निर्माण के अंतर्गत गुंबद निर्माण महायज्ञ में सभी श्रद्धालुओं से यथाशक्ति सहयोग प्रदान करने की अपील की। कहा कि इस सहयोग राशि से यह पावन स्थल भविष्य में और अधिक भव्य एवं दिव्य स्वरूप में स्थापित होगा।
इस महोत्सव के सफल आयोजन में सचिव बबलू जी, कोषाध्यक्ष बमबम, राजीव, श्रवण, पिंटू, शंभू, कौशल, सीताराम सहित सभी के सामूहिक प्रयास एवं समर्पण ने इसे भक्ति, आस्था और उत्साह के साथ धूमधाम से संपन्न कराया, जो श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बन गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
महानवमी पर पूजा पंडालों में कन्या पूजन की विशेष परंपरा का पालन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य हवन और पूर्णाहुति का आयोजन हुआ, जिससे पूरा माहौल आध्यात्मिक हो गया। सभी प्रमुख पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रही। स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा और शांति व्यवस्था के लिए कड़े इंतजाम किए गए थे। नवरात्र के आखिरी दिन पूजा स्थलों की परिक्रमा करने एवं हवन कुंड में आहुतियां डालने के लिए भी लोग आतुर दिखे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें





