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जनवरी, 1, 2026

Darbhanga के कमतौल अहिल्या धाम में ‘New Year Temple Visit’ का अद्भुत नज़ारा: अहल्यास्थान और गौतमाश्रम में उमड़ी भक्तों की भीड़

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New Year Temple Visit: कमतौल दरभंगा देशज टाइम्स। नया साल, नई उम्मीदें, और आस्था का एक अनूठा संगम। जैसे ही कैलेंडर का पन्ना पलटा, मंदिरों की चौखट पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा, मानो हर मन में एक ही प्रार्थना हो – वर्ष मंगलमय हो।

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New Year Temple Visit: नए साल के पहले दिन कमतौल क्षेत्र के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल अहल्यास्थान और गौतमाश्रम समेत विभिन्न मंदिरों में गुरुवार को दिन भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।

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कमतौल में ‘New Year Temple Visit’: आस्था का सैलाब

टोलियों में पहुंचे श्रद्धालु भगवान के दर्शन-पूजन के बाद मंदिर परिसर में लगी दुकानों पर खरीदारी करते भी दिखे। कई भक्त जहां अपनी तस्वीरें कैमरे में कैद कर रहे थे, वहीं कुछ फेसबुक लाइव के माध्यम से अपने परिजनों और मित्रों को इन पावन स्थलों के महत्व से अवगत करा रहे थे। आसपास के इलाकों से ही नहीं, बल्कि दूरदराज से भी बड़ी संख्या में भक्तगण दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया वाहनों से पहुंचे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। दर्शन-पूजन के उपरांत सभी अपने परिजनों के साथ सकुशल घर लौटे।

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यह भी पढ़ें:  Darbhanga Maa Shyama Temple: नव वर्ष पर श्यामा मंदिर में उमड़ा भक्तों का सैलाब, एक लाख से अधिक को मां ने दिए दर्शन

नए साल का पहला दिन ‘धार्मिक पर्यटन’ के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा। मौसम भी बेहद सुहावना था। धूप खिली होने से श्रद्धालुओं का उत्साह दोगुना हो गया था। इस दौरान मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके और शांतिपूर्ण माहौल में दर्शन-पूजन संपन्न हो।

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भक्तों की भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था

कमतौल का अहल्यास्थान और गौतमाश्रम पौराणिक महत्व के केंद्र हैं, जहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस वर्ष भी नए साल के आगमन पर यहां की छटा देखते ही बन रही थी। भक्ति और उत्साह का अद्भुत समन्वय देखने को मिला, जो पूरे दिन जारी रहा। धार्मिक स्थलों पर उमड़ी यह भीड़ न सिर्फ आस्था का प्रतीक थी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान कर रही थी। अनेक लोग स्थानीय हस्तशिल्प और प्रसाद की खरीदारी में लगे थे। नए साल के अवसर पर इस तरह की ‘धार्मिक पर्यटन’ गतिविधियों से क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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