

Vaccine Courier Salary: सरकारी फाइलों की सुस्ती जब जमीन पर उतरती है तो चक्का जाम होना लाजिमी है। कुछ ऐसा ही नजारा केवटी में देखने को मिला, जहां व्यवस्था को गति देने वाले ही अपने हक के लिए थम गए थे।
Keoti News: दरभंगा के केवटी में पिछले चार दिनों से टीकाकरण कार्य पर लगा ब्रेक अब हट गया है। अपनी मांगों को लेकर नाराज चल रहे वैक्सीन कुरियरों ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से सफल वार्ता के बाद अपनी हड़ताल समाप्त कर दी है, जिससे स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
क्या है पूरा Vaccine Courier Salary विवाद
मामला केवटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से जुड़ा है, जहां कार्यरत वैक्सीन कुरियरों को पिछले पांच महीनों से उनके मानदेय का भुगतान नहीं किया गया था। लगातार अपनी आवाज उठाने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो उन्होंने चार दिन पहले काम का बहिष्कार करने का फैसला किया। इस विरोध के कारण पूरे प्रखंड में टीकाकरण का महत्वपूर्ण कार्य ठप पड़ गया था। इन स्वास्थ्यकर्मियों का कहना था कि बिना मानदेय के उनके लिए घर चलाना मुश्किल हो रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वैक्सीन कुरियर प्रखंड अध्यक्ष लक्ष्मण कुमार शाही के नेतृत्व में सभी कर्मी अपने भुगतान की मांग पर अड़े हुए थे।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने दिया आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस वार्ता में चिकित्सा प्रभारी डॉ. एन. के. लाल, स्वास्थ्य प्रबंधक दिनेश आनंद, और डब्ल्यूएचओ के काशी नाथ सिंह समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए। वहीं, वैक्सीन कुरियरों की तरफ से उनके प्रखंड अध्यक्ष लक्ष्मण कुमार शाही ने पक्ष रखा। बैठक में चिकित्सा प्रभारी ने कुरियरों की समस्या को जायज ठहराया और आश्वासन दिया कि इस संबंध में तुरंत सिविल सर्जन (सीएस) को पत्र लिखकर पूरी स्थिति से अवगत कराया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर लंबित मानदेय का भुगतान करवाने का भरोसा दिया। इस ठोस आश्वासन के बाद सभी स्वास्थ्यकर्मी काम पर लौटने के लिए सहमत हो गए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/। इस फैसले के बाद सीएचसी में फिर से टीकाकरण का काम शुरू हो गया है।




