

Vaccine Courier: जो दूसरों के बच्चों तक जिंदगी की बूंदें पहुंचाते हैं, आज उनके अपने घरों में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। मामला बिहार के दरभंगा जिले का है, जहां केवटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में वैक्सीन कुरियरों ने सोमवार को अपने बकाये मानदेय को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे टीकाकरण का महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह से ठप हो गया।
Vaccine Courier ने क्यों किया काम का बहिष्कार?
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कुरियर के प्रखंड अध्यक्ष लक्ष्मण कुमार शाही ने बताया कि पिछले पांच महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि सितंबर से लेकर जनवरी तक का मानदेय लंबित है, जिसके कारण सभी कुरियरों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसी वजह से मजबूर होकर सभी कर्मचारियों ने काम का बहिष्कार करने का फैसला किया है।
लक्ष्मण कुमार शाही ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा, “जब तक हमारा पूरा बकाया भुगतान नहीं हो जाता, हम काम पर नहीं लौटेंगे।” इस हड़ताल के कारण इलाके के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के नियमित टीकाकरण पर सीधा असर पड़ा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं कर्मचारी
प्रदर्शन कर रहे कुरियरों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि मानदेय ही उनकी आय का एकमात्र स्रोत है। इसके न मिलने से घर का खर्च चलाना, बच्चों की स्कूल की फीस भरना और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी असंभव हो गया है। कई कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें कर्ज लेकर अपना घर चलाना पड़ रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

