Pond encroachment: दरभंगा के केवटी प्रखंड में जल संकट का दानव धीरे-धीरे अपने पैर पसार रहा है, और इसका एक बड़ा कारण है प्रकृति के जल स्त्रोतों पर बढ़ता मानव अतिक्रमण। कभी जीवनदायिनी माने जाने वाले तालाब आज अपनी पहचान खो रहे हैं।
केवटी में Pond encroachment: 60 से अधिक तालाबों पर अवैध कब्जा
दरभंगा के केवटी प्रखंड में, जहाँ कभी लगभग दो सौ छोटे-बड़े सरकारी तालाब जल संरक्षण, सिंचाई, पशुपालन और स्थानीय पर्यावरण के मजबूत आधार थे, वहीं आज उनमें से 60 से अधिक अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुके हैं। इन जीवनदायी जल निकायों पर अवैध कब्जों के कारण क्षेत्र में जल संकट का खतरा लगातार गहराता जा रहा है।
विडंबना यह है कि इन अतिक्रमणों के संबंध में अब तक न तो कोई ठोस सर्वेक्षण सामने आया है और न ही इन्हें हटाने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई की गई है, जिससे स्थानीय निवासियों में गहरी चिंता व्याप्त है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।सरकारी अभिलेखों में दर्ज ये तालाब अब धीरे-धीरे निजी संपत्तियों में तब्दील हो रहे हैं। कहीं इन्हें खेतों में बदल दिया गया है, कहीं इन पर पक्के मकान खड़े हो चुके हैं, और कुछ स्थानों पर तो तालाबों का अस्तित्व ही मिटा दिया गया है। यह केवल सरकारी संपत्ति की लूट नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संकट पर सीधा प्रहार है। “जल-जीवन-हरियाली” जैसे महत्वाकांक्षी अभियानों और जल संरक्षण की महत्ता को जिस प्रकार से नजरअंदाज किया जा रहा है, वह भविष्य के लिए एक गंभीर चेतावनी है।
प्रखंड के समाजसेवी और एमएसयू के प्रदेश संयोजक प्रवीण कुमार झा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस मामले की गंभीरता को उजागर किया है। उन्होंने आगाह किया है कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो आने वाले वर्षों में केवटी क्षेत्र को भीषण जल संकट, बाढ़-जलजमाव और गंभीर पर्यावरणीय असंतुलन का सामना करना पड़ सकता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
अतिक्रमण हटाने और संरक्षण की मांग
झा ने प्रशासन से केवटी प्रखंड के सभी सरकारी तालाबों का विशेष सर्वेक्षण कराने, अतिक्रमित तालाबों से तत्काल अवैध कब्जे हटाने और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने तालाबों के सौंदर्यीकरण और संरक्षण के लिए एक स्थायी योजना बनाने पर भी जोर दिया। प्रवीण कुमार झा ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जनहित में आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।इस संबंध में, अंचलाधिकारी (सीओ) भास्कर कुमार मंडल ने बताया कि अतिक्रमण की शिकायतों पर लगातार कार्रवाई की जाती रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि तालाबों पर अतिक्रमण के संबंध में जानकारी प्राप्त होने पर उसका संज्ञान लिया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






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