

Darbhanga News: सियासत की बिसात पर जब बुलडोजर का पहिया घूमता है, तो गरीबों के आशियाने तिनकों की तरह बिखर जाते हैं। दरभंगा में भी कुछ ऐसा ही मंजर देखने को मिल रहा है, जहां प्रशासन के बुलडोजर के खौफ से कई परिवार सहमे हुए हैं और उनकी दशकों पुरानी बसावट पर उजड़ने का खतरा मंडरा रहा है।
Darbhanga News: क्या है पूरा मामला और क्यों सहमे हैं लोग?
मामला दरभंगा जिले के बहादुरपुर और सिंहवाड़ा प्रखंड के कई गांवों से जुड़ा है, जहां सड़क किनारे सरकारी जमीन पर दशकों से बसे भूमिहीन परिवारों को घर खाली करने का नोटिस थमा दिया गया है। अखिल भारतीय खेत ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के एक उच्च स्तरीय जांच दल ने इन इलाकों का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की। टीम ने बहादुरपुर प्रखंड के लाल शाहपुर, डरहार नहर, सैदनगर के मल्लिक टोला और एकमी के अलावा सिंहवाड़ा के सिमरी पंचायत के वार्ड संख्या 05 का दौरा किया, जहां लोग प्रशासन की कार्रवाई के डर से सहमे हुए हैं।
पीड़ित परिवारों ने जांच दल को अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि वे पिछले 45 से 50 वर्षों से इसी जमीन पर घर बनाकर रह रहे हैं। सिमरी हाई स्कूल से बिठौली तक सैकड़ों दलित और गरीब भूमिहीन परिवार बसे हैं, जिनमें से लगभग 50 परिवारों को घर हटाने का नोटिस मिल चुका है। उन्होंने कहा, “जब से नोटिस मिला है, पूरा परिवार चिंता में डूबा है। दिन-रात बस रोना आता है, बच्चे बिलख रहे हैं। हमारे पास न तो बसने के लिए कोई और जमीन है और न ही कोई स्थायी रोजगार। समझ नहीं आता कि हम कहां जाएं और क्या करें।” आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सरकार को दी सीधी चेतावनी
इस मौके पर खेग्रामस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और दरौली से विधायक सत्यदेव राम ने सरकार को सीधी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की बुल्डोजर कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए एक व्यापक गोलबंदी की जरूरत है। उन्होंने ऐलान किया कि खेग्रामस की केंद्रीय टीम पूरे बिहार का दौरा कर रही है और भूमिहीनों से मिली रिपोर्ट के आधार पर एक रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। इस रिपोर्ट के साथ एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलेगा और इस कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग करेगा। सत्यदेव राम ने कहा, “अगर सरकार हमारी मांग नहीं मानती है, तो प्रदेश भर से लाखों दलित, गरीब और भूमिहीनों को पटना बुलाकर गांधी मैदान को भर दिया जाएगा और सरकार को चलने नहीं दिया जाएगा।” देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
भोजपुर के अगिआंव से पूर्व विधायक और खेग्रामस के प्रदेश अध्यक्ष मनोज मंजिल ने भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “आजादी तो 1947 में मिल गई, लेकिन जमीन जमींदारों के पास रह गई। हम दलितों और गरीबों को सड़क, पोखर और नहर किनारे बसने पर मजबूर किया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सरकार को हमें उस जमीन का कागज देना चाहिए, लेकिन इसके बजाय वह बुलडोजर चला रही है। हम इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेंगे और चट्टानी एकता के साथ इसका मुकाबला कर सरकार को ही बुलडोज कर देंगे।”
जांच दल में ये लोग रहे शामिल
खेग्रामस की इस उच्च स्तरीय टीम में राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यदेव राम और प्रदेश अध्यक्ष मनोज मंजिल के अलावा राज्य सचिव शत्रुघ्न सहनी, खेग्रामस नेत्री शनिचरी देवी, माले राज्य कमेटी सदस्य अभिषेक कुमार और जिला सचिव सत्यनारायण पासवान (पप्पू पासवान) भी शामिल थे। उनके साथ पूर्व प्रमुख हरि पासवान, पंचायत समिति सदस्य पप्पू कुमार पासवान, मुखिया प्रतिनिधि रामबाबू साह, माले प्रखंड सचिव सुरेन्द्र पासवान, मोहम्मद फैयाज, प्रेम राज आनंद, केवटी सचिव धर्मेश यादव, बहादुरपुर प्रखंड सचिव विनोद सिंह, नंद लाल ठाकुर, सबीता कुमारी और हरिश्चंद्र पासवान सहित कई अन्य नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



