बिहार को जल्द ही पहला एक्सप्रेसवे मिलने जा रहा है, जिसका नाम आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे (Amas-Darbhanga Expressway) रखा गया है। यह परियोजना भारतमाला परियोजना के तहत स्वीकृत हुई है और इसे राज्य की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव लाने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है।
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एक्सप्रेसवे का रूट और लंबाई
यह 189 किलोमीटर लंबा होगा।
गया जिले के आमस से शुरू होकर दरभंगा के बेला नवादा तक जाएगा।
यह 7 जिलों और 19 शहरों को जोड़ने वाला छह लेन वाला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा।
परियोजना के लिए 56 गांवों में 1300 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है।
इसमें पुल, फ्लाईओवर और इंटरचेंज जैसे संरचनात्मक निर्माण शामिल हैं।
2025 तक पूरा होने का लक्ष्य
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लक्ष्य 2025 तक इसे पूरा करना है। हालांकि, भूमि अधिग्रहण और पर्यावरण से संबंधित मुद्दे परियोजना की सफलता के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे को बिहार के लिए गेम चेंजर माना जा रहा है। इसके माध्यम से राज्य के सड़क बुनियादी ढांचे में सुधार होगा और यह क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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