
Kusheshwar Asthan Block Pramukh: बिहार की सियासत में कुर्सी का खेल नया नहीं है, लेकिन जब अपने ही बिसात बिछाने लगें तो मामला दिलचस्प हो जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड में देखने को मिल रहा है, जहां प्रमुख की कुर्सी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
Kusheshwar Asthan Block Pramukh पर लगे कई गंभीर आरोप
कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड की राजनीतिक गलियारों में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब वर्तमान Kusheshwar Asthan Block Pramukh अंजनी भारती और उपप्रमुख कुमारी अन्नू के खिलाफ पंचायत समिति के सदस्यों ने ही मोर्चा खोल दिया। कुल 6 पंचायत समिति सदस्यों ने एकजुट होकर प्रमुख और उपप्रमुख के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस विभिन्न पदाधिकारियों को सौंपा है। इस कदम ने प्रखंड की राजनीति में एक नया तूफान ला दिया है।
हस्ताक्षर करने वाले सदस्यों में बिजल पासवान, उमेश प्रसाद मतवाला, राम बचन हजारी, शोभा देवी, इसरत जहां और उषा देवी शामिल हैं। इन सदस्यों ने अपने आवेदन में प्रमुख और उपप्रमुख पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनकी वजह से यह अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
क्या हैं प्रमुख और उपप्रमुख पर लगे मुख्य आरोप?
सदस्यों द्वारा सौंपे गए अविश्वास प्रस्ताव पत्र के अनुसार, प्रमुख और उपप्रमुख पर निम्नलिखित आरोप लगाए गए हैं:
- पंचायत समिति की नियमित बैठकें आयोजित न करना।
- बिना किसी विधिवत बैठक के मनमाने ढंग से योजनाओं का चयन करना।
- प्रखंड कार्यालय के विभिन्न विभागों में फैले भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में पूरी तरह से विफल रहना।
- प्रखंड कार्यालय में व्याप्त अराजकता की स्थिति को नियंत्रित न कर पाना।
इन आरोपों के आधार पर सदस्यों ने प्रमुख, बीडीओ, एसडीओ, डीडीसी और डीएम को अलग-अलग आवेदन देकर तत्काल मत विभाजन कराने की मांग की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रखंड में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है और सभी की निगाहें अब आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
प्रखंड में बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
प्रमुख एवं उपप्रमुख के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पेश होते ही प्रखंड में सियासी पारा चढ़ गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या प्रमुख और उपप्रमुख अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब हो पाते हैं या नहीं। नियमानुसार, अब संबंधित अधिकारी नोटिस की समीक्षा के बाद एक विशेष बैठक की तारीख तय करेंगे, जिसमें मत विभाजन से फैसला होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। फिलहाल, दोनों पक्षों की ओर से अपने-अपने पक्ष में सदस्यों को लामबंद करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

