
Kusheshwar Asthan News: कुर्सी की जंग में शह और मात का खेल तो पुराना है, लेकिन जब अपनी ही बिछाई बिसात पर मोहरे कम पड़ जाएं तो बाजी पलट ही जाती है। कुछ ऐसा ही नज़ारा कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड में देखने को मिला, जहां प्रमुख और उपप्रमुख के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव हवा-हवाई साबित हो गया। गुरुवार को प्रखंड के सभा भवन में पंचायत समिति की एक विशेष बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक का मुख्य एजेंडा प्रमुख अंजनी भारती एवं उपप्रमुख कुमारी अन्नू के विरुद्ध लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर विचार-विमर्श करना था।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई। पूर्व प्रमुख बिजल पासवान के नेतृत्व में विपक्ष के छह पंचायत समिति सदस्य तय समय पर सभा कक्ष में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके थे।
इसके बाद, कार्यपालक पदाधिकारी सह बीडीओ प्रभा शंकर मिश्रा अन्य सदस्यों के सदन में आने का इंतजार करने लगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। काफी देर तक इंतजार का दौर चलता रहा, लेकिन प्रमुख अंजनी भारती गुट के पांच सदस्य दोपहर एक बजे तक सदन में उपस्थित नहीं हुए।
Kusheshwar Asthan News: कोरम के अभाव में कैसे खारिज हुआ प्रस्ताव?
प्रखंड पंचायत समिति में कुल सदस्यों की संख्या 11 है। नियमानुसार, अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए बुलाई गई विशेष बैठक में सदन की कार्यवाही के लिए कुल सदस्यों का दो-तिहाई यानी कम से कम आठ सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य थी। लेकिन, बैठक में विपक्ष के केवल छह सदस्य ही मौजूद रहे, जबकि प्रमुख गुट के पांच सदस्यों ने बैठक से दूरी बनाए रखी। दोपहर एक बजे तक इंतजार करने के बाद जब यह स्पष्ट हो गया कि कोरम पूरा नहीं होगा, तो बीडीओ प्रभा शंकर मिश्रा ने नियमानुसार कोरम के अभाव में अविश्वास प्रस्ताव को खारिज करने की घोषणा कर दी। इस एक घोषणा के साथ ही पिछले दो सप्ताह से प्रखंड में चल रही राजनीतिक सरगर्मी पर पूर्ण विराम लग गया। विपक्ष का यह दांव उल्टा पड़ गया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
जश्न में डूबा प्रमुख गुट, विपक्ष में मायूसी
जैसे ही अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने की खबर बाहर आई, प्रमुख गुट के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रमुख अंजनी भारती के समर्थक पंचायत समिति सदस्य तुरंत प्रखंड मुख्यालय पहुंचे और जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया। उन्होंने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर तथा मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बैठक में विपक्ष की ओर से पूर्व प्रमुख बिजल पासवान के साथ समिति सदस्य उमेश प्रसाद मतवाला, राम वचन हजारी, शोभा देवी, इसरत जहां तथा उषा देवी शामिल हुए थे। इस तरह पिछले दो सप्ताह से चल रही राजनीतिक सरगर्मी पर विराम लग गया, जो प्रमुख और उपप्रमुख के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव से शुरू हुई थी।



