

कुशेश्वरस्थान, देशज टाइम्स। गढ़ेयपुरा का गम अभी तक जिंदा है। लोगों के सीने में आक्रोश के ज्वार हैं तो अपने इलाके की उपेक्षा का सर्वमान्य हल नहीं निकलने से आक्रोश भी। इसी बीच नाव हादसे में मरे लोगों के परिजनों के बीच जब स्थानीय विधायक अमन भूषण हजारी शुक्रवार को पूर्वी प्रखंड के गढ़ैयपुरा गांव पहुंचे, तो लोगों के गम और गुस्से दोनों का उन्हें सामना करना पड़ा।
पीड़ित परिवारों ने उन्हें अपने पास तो बिठाया। उनके साथ गम बांटे, उनके कंधे पर सिर रखकर रोया भी, विधायक ने आंसू भी पोंछे, लेकिन ग्रामीण अपनी पीड़ा और गुस्से का इजहार करना भी नहीं भूले। विधायक के मृतकों के घर पहुंचते ही माहौल एकबारगी नम आंखों में डूब गया।
मौके पर मुखिया राजेश पासवान, राजद नेता अशोक यादव समेत कई गणमान्य लोगों के सामने ही ग्रामीण अपनी बात रखने से बाज नहीं आए। स्वजनों के चित्कार के बीच विधायक श्री हजारी को ग्रामीणों ने खरी खोटी सुनाते हुए कहा की यदि गांव तक सड़क होता तो इस तरह के दिन देखना नहीं पड़ता।
जानकारी दें कि गत पांच सितंबर को शाहपुर चौर में भीषण नाव दुर्घटना में पांच लोगों की मौत हो गई थी। इन्हीं परिवारों के बीच आज विधायक हजारी पहुंचे थे। शोकाकुल परिवार को ढ़ांढ़स बंधाते हुए विपत्ति की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की अपील करते उन्होंने अपने स्तर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
वहीं, विधायक श्री हजारी को देखकर मृतक प्रीति,सोनिया और सोनाली कुमारी की मां फूट पड़ी। हर परिवार आज भी सदमे में जी रहा है। घरों में कोई किसी से बात नहीं कर रहा। खाने की बात तो दूर। बच्चे खा भी लेते हैं लेकिन बड़ों के सामने अभी भी गम का पहाड़ टूटा पड़ा है।

