



Kusheshwarsthan News: शनिवार की सुबह कुशेश्वरस्थान का हरिनगर गांव सियासी अखाड़े का मैदान बन गया, जहां लाठियां बोल रहीं थीं और इंसानियत सिसक रही थी। मजदूरी के चंद रुपयों का विवाद इतना बढ़ा कि दो जातियों के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिसमें दर्जनभर लोग लहूलुहान हो गए।
Kusheshwarsthan News: मामूली विवाद बना महाभारत, दो जातियों में खूनी संघर्ष, दर्जनभर घायल, गांव में तनाव
Kusheshwarsthan News: थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव में शनिवार को एक विशेष जाति के लोगों ने लाठी-डंडों से लैस होकर अनुसूचित जाति के मोहल्ले पर धावा बोल दिया। इस दौरान जमकर तोड़फोड़ और मारपीट की गई। इस अप्रत्याशित हमले में लगभग एक दर्जन लोग घायल हो गए। घटना की जड़ में एक पुराना पैसों का लेन-देन था, जिसने धीरे-धीरे सुलगकर एक बड़े विवाद का रूप ले लिया।
Kusheshwarsthan News: जानिए क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, हरिनगर गांव के रहने वाले कैलाश पासवान पेशे से राजमिस्त्री हैं। लगभग चार साल पहले, गांव के ही एक व्यक्ति अपनी बहन का घर बनवाने के लिए कैलाश को केरल ले गया था। काम खत्म होने पर कुल मजदूरी 3 लाख 57 हजार रुपये बनी। इसमें से 1 लाख 13 हजार रुपये का भुगतान तो कर दिया गया, लेकिन बाकी के 2 लाख 44 हजार रुपये बाद में देने का वादा किया गया। कैलाश जब भी अपने बकाया पैसे मांगते, तो उन्हें टालमटोल कर दिया जाता था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह मामला तब और बिगड़ गया जब 30 जनवरी को उक्त ग्रामीण की बहन अपने पति के साथ गांव आई। कैलाश पासवान ने जब उनसे अपनी बकाया मजदूरी मांगी, तो दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई।
इसी बीच, गांव के हेमंत झा ने बीच-बचाव करते हुए मामले को शांति से सुलझाने की सलाह दी, लेकिन कैलाश उनसे ही उलझ पड़े और मारपीट हो गई। इस घटना के बाद हेमंत झा ने 30 जनवरी को थाने में चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसी घटना ने एक भयानक जाति-संघर्ष का रूप ले लिया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
पुलिस ने संभाला मोर्चा, 9 लोग हिरासत में
शनिवार सुबह हुए इस हमले की सूचना मिलते ही एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी और थानाध्यक्ष अंकित चौधरी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित किया और गांव में फैले तनाव को कम करने का प्रयास किया। पीड़ित परिवार की एक महिला, श्यामला देवी ने बताया कि हमलावरों ने उनके घर में घुसकर सब कुछ तहस-नहस कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने घर में रखे गैस सिलेंडर, चूल्हा और बर्तन बाहर फेंक दिए। यहां तक कि साइकिल और बाइक को भी पास के तालाब में फेंक दिया गया। हमलावरों ने मुख्य सड़क पर स्थित एक ढाबे में भी जमकर तोड़फोड़ की।
मारपीट की इस घटना में अविनाश पासवान, राजगीर पासवान, विक्रम पासवान, अजय पासवान, जीगर पासवान और कोमल कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले पीएचसी सतीघाट ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद सभी को डीएमसीएच रेफर कर दिया गया। थानाध्यक्ष अंकित चौधरी ने बताया कि गांव में पुलिस बल कैंप कर रहा है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। पूछताछ के लिए 9 लोगों को हिरासत में लिया गया है, और पीड़ित परिवार से आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



