Kusheshwarsthan News: अंधेरे में घात लगाए चोरों का खेल बिगाड़ दिया पुलिस की मुस्तैदी ने। कहते हैं, चोर कितना भी शातिर हो, कानून के लंबे हाथ उसे दबोच ही लेते हैं। कुशेश्वरस्थान में भी कुछ ऐसा ही हुआ, जहां एक बड़ी चोरी की घटना को अंजाम देने से पहले ही दो शातिर चोर पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
कुशेश्वरस्थान न्यूज़: आधी रात को ज्वेलरी शॉप में सेंध, पुलिस ने रंगे हाथ दबोचे दो चोर, एक फरार
कुशेश्वरस्थान न्यूज़: चोरी की साज़िश और पुलिस का जाल
13 जनवरी 2026 की देर रात करीब 12 बजे कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के सहोरबा घाट पर एक ज्वेलरी दुकान में चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में आए दो शातिर चोरों को कुशेश्वरस्थान थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने स्वर्ण व्यवसायी श्रवण कुमार साह की दुकान में सेंधमारी कर रहे चोरों को रंगे हाथ दबोच लिया। चोर दुकान की दीवार तोड़कर अंदर घुस चुके थे और कीमती सामान समेटने की तैयारी में थे, तभी पुलिस ने घेराबंदी कर उनकी योजना पर पानी फेर दिया। गिरफ्तार किए गए अपराधियों के पास से भारी मात्रा में चांदी के आभूषण और अन्य धातु के जेवर, चोरी में प्रयुक्त एक अपाचे बाइक और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
सूचना मिली डायल 112 की टीम को
घटना की जानकारी उस समय मिली जब डायल 112 की टीम को दुकान में कुछ संदिग्ध हलचल की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष अंकित चौधरी और पीएसआई मानव शंकर ने बिना देर किए सशस्त्र बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और दुकान को चारों ओर से घेर लिया। पुलिस को देखते ही चोरों ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने दो चोरों को धर दबोचा। हालांकि, उनका एक साथी, जिसकी पहचान अजय मुखिया के रूप में हुई है, अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस ने इस सराहनीय कार्य से क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
थानाध्यक्ष श्री चौधरी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मदन मुखिया (39 वर्ष) और नीतीश कुमार (21 वर्ष) के रूप में हुई है। ये दोनों बिरौल थाना क्षेत्र के कमलपुर गांव के निवासी हैं। पूछताछ में मदन मुखिया ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिनसे उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि और शातिराना सोच का पता चलता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
चोरों की आपबीती और शातिर दिमाग का पर्दाफाश
मदन मुखिया कोई साधारण चोर नहीं है, बल्कि एक आदतन अपराधी है। उसने बताया कि वह हाल ही में सितंबर महीने में पतोर थाना क्षेत्र में चोरी के आरोप में जेल गया था और मात्र दिसंबर में ही जमानत पर बाहर आया था। जेल से बाहर आने के लिए उसने अपनी दो भैंसें बेचकर एक लाख रुपये का इंतजाम किया था। जमानत पर बाहर आने के बाद भी नशे की लत और पैसे की तंगी ने उसे फिर से अपराध के दलदल में धकेल दिया। इसी के चलते उसने अपने साथी नीतीश और अजय के साथ मिलकर एक बार फिर चोरी की योजना बनाई।
रेकी के बाद दिया वारदात को अंजाम
आरोपियों ने पूरी वारदात को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया। उन्होंने घटना से पहले 10-11 जनवरी को ही सहोरबा घाट स्थित श्रवण कुमार साह की दुकान की बाकायदा रेकी की थी। चोरी की रात वे अपनी अपाचे बाइक (BR07BH 5319) को सुनसान जगह पर खड़ी कर पैदल ही दुकान तक पहुंचे। इसके बाद दुकान के पिछले हिस्से की दीवार तोड़कर अंदर दाखिल हुए। पुलिस की सजगता के कारण ही उनकी यह योजना सफल नहीं हो पाई और वे पुलिस के शिकंजे में आ गए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी का ब्योरा
पुलिस ने गिरफ्तार चोरों के पास से चोरी किए गए सामानों की एक लंबी सूची बरामद की है, जिसमें शामिल हैं:
- चांदी जैसी 4 जोड़ी पायल
- 13 राखियां
- चांदी के सिक्के
- अंगूठियां
- मंतिका
- प्लास्टिक के डिब्बों में रखे दर्जनों छोटे-बड़े गहने
- पीतल और तांबे जैसी धातु के कई आइटम
- घटना में प्रयुक्त अपाचे मोटरसाइकिल और एक सैमसंग मोबाइल फोन
इस सफल अभियान में कुशेश्वरस्थान थानाध्यक्ष अंकित चौधरी, पीएसआई मानव शंकर और थाना के सशस्त्र बल की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी (कांड संख्या 10/26) दर्ज कर दोनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। फरार साथी अजय मुखिया की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और उम्मीद है कि वह भी जल्द ही पकड़ में आ जाएगा। यह घटना दर्शाती है कि पुलिस प्रशासन अपराध नियंत्रण के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

